मधुबनी. उच्च न्यायालय पटना के निर्देश पर मध्यस्थता कार्यक्रम के चल रहे फेज 2.0 के लिए गुरुवार को प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय के प्रकोष्ठ में बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जय किशोर दूबे ने की. इस दौरान प्रधान न्यायाधीश श्री दूबे ने कहा कि मध्यस्थता लंबित मामलों को आपसी सुलह के जरिये निपटाने का अभियान है. इसका उद्देश्य आमलोगों का न्यायिक समाधान सुलभ तरीके से व्यवस्था करना है. बैठक में उपस्थित न्यायिक पदाधिकारी व मध्यस्थ प्रशिक्षक अधिवक्ताओं को कार्यक्रम की सफलता के लिए अधिक से अधिक मध्यस्थता योग्य वादों की पहचान कर निपटारा करने का निर्देश दिया. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण और शीघ्र निपटारा संभव है. जिससे न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को भी कम किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि मध्यस्थता कार्यक्रम फेज 2.0 का आयोजन 2 जनवरी से 31 जनवरी तक किया जाएगा. इस दौरान चिन्हित मध्यस्थ वादों के निपटारे के लिए विस्तृत रूप से विचार-विमर्श किया गया. पक्षकारों को मध्यस्थता के लाभ के प्रति जागरूक किया जाए. ताकि वे आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए आगे आएं.
मध्यस्थ से इन मामलों का होगा निबटारा
बैठक को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव संदीप चैतन्य ने कहा कि मध्यस्थता अभियान के तहत वैवहिक वाद, सड़क दुर्घटना मुआवजा, घरेलू हिंसा, चेक वाउंस, उपभोक्ता विवाद, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी विवाद, सुलहनीय फौजदारी मामले, ऋण वसुली, संपति विभाजन, किरायेदारी विवाद, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य उपयुक्त सिविल मामले का निपटारा होगा. बैठक में विशेष न्यायाधीश उत्पाद गोरखनाथ दूबे, सीजेएम प्रमोद कुमार महथा, प्रशिक्षक अधिवक्ता भवेश चन्द्र झा, शंभु कुमार भगत, मुकुल कुमार मिश्रा, शशि रंजन, रमेश नाथ झा, शिशिर रंजन, अवधेश कुमार, मित्रानंद मिश्रा सहित कई उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

