मधुबनी: अखंड सौभाग्य के लिए बरगद की पूजा, जानें पंडित उमेश झा से वट सावित्री का शुभ मुहूर्त

Published by : Aniket Kumar Updated At : 15 May 2026 12:20 PM

विज्ञापन

मार्केट में खरीदारी करतीं महिलाएं

Madhubani News: जिले में वट सावित्री व्रत की तैयारियां तेज हैं. इस बार 16 मई को शनि अमावस्या के खास संयोग में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए बरगद की पूजा करेंगी. जानें शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि. पढ़ें पूरी खबर…

विज्ञापन

मधुबनी से नागेंद्र झा की रिपोर्ट

Madhubani News: मिथिलांचल की लोक संस्कृति में खास महत्व रखने वाला वट सावित्री व्रत इस बार बेहद खास संयोग में मनाया जाएगा. अखंड सौभाग्य की कामना के लिए किए जाने वाले इस व्रत की तैयारी को लेकर मधुबनी के बाजारों में भारी चहल-पहल देखी जा रही है. सुहागिन महिलाएं फल, मिठाई, नए वस्त्र और लहठी (लह की चूड़ियां) सहित पूजा सामग्री की खरीदारी में जुटी हैं.

शुभ मुहूर्त और शनि अमावस्या का संयोग

पंडित उमेश झा के अनुसार, इस वर्ष वट सावित्री व्रत 16 मई, शनिवार को मनाया जाएगा. अमावस्या तिथि 16 मई की सुबह 5:11 बजे से शुरू होकर 17 मई की रात 1:30 बजे तक रहेगी. पूजा का सबसे श्रेष्ठ समय सुबह 7:12 से 8:24 तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से दोपहर 12:45 तक रहेगा. खास बात यह है कि शनिवार को अमावस्या होने से ‘शनि अमावस्या’ और ‘शनि जयंती’ का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो पूजा के फल को कई गुना बढ़ा देता है.

अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु का पर्व

पंडित श्री झा ने बताया कि सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं. पौराणिक कथा के अनुसार, माता सावित्री ने अपने तप और दृढ़ निश्चय से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस मांग लिए थे. तभी से बरगद के पेड़ की पूजा का विधान है. बरगद की जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु और शाखाओं में शिव का वास माना जाता है.

पूजा विधि और परिक्रमा का महत्व

व्रती महिलाएं सुबह स्नान कर लाल या पीले वस्त्र धारण करें और श्रृंगार करें. पूजा के दौरान बरगद के वृक्ष को जल, दूध, रोली और फल अर्पित किए जाते हैं. कच्चे सूत को वट वृक्ष के तने पर लपेटते हुए कम से कम 7 या 11 बार परिक्रमा करने का विधान है. भीगे चने का प्रसाद इस पूजा में विशेष महत्व रखता है. पूजा के अंत में सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी जाती है और बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया जाता है.

विज्ञापन
Aniket Kumar

लेखक के बारे में

By Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन