गैंग रेप में चार को आजीवन सश्रम कारावास

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 May 2024 10:15 PM

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हरलाखी थाना क्षेत्र में करीब दो वर्ष पूर्व मेला देखने गई नाबालिग के साथ हुई गैंग रेप मामले की एडीजे सात सह विशेष न्यायालय पॉक्सो के न्यायाधीश दिवेश कुमार की न्यायालय में सजा के बिंदु पर मंगलवार को सुनवाई हुई.

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मधुबनी. हरलाखी थाना क्षेत्र में करीब दो वर्ष पूर्व मेला देखने गई नाबालिग के साथ हुई गैंग रेप मामले की एडीजे सात सह विशेष न्यायालय पॉक्सो के न्यायाधीश दिवेश कुमार की न्यायालय में सजा के बिंदु पर मंगलवार को सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद हरलाखी थाना क्षेत्र के कसेरा निवासी आरोपी मो. जफर अंसारी, मो. जीवराइल, मो. अख्तर अंसारी एवं मो. अहमद को दफा 376 डी भादवि एवं पॉक्सो एक्ट के दफा 6 में आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. न्यायालय ने आरोप कि गंभीरता को देखते हुए आरोपी को प्राकृतिक जीवन तक कारा में रखने का आदेश दिया है. साथ ही न्यायालय ने प्रत्येक को 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने कि राशि नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. न्यायालय में सरकार की ओर से बहस करते हुए विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो कुमारी मधुरानी एवं सूचक के अधिवक्ता अजय झा यश ने बहस करते हुए आरोपी द्वारा किए गए कांड के लिए फांसी की सजा देने की मांग की थी. जिससे समाज में ऐसे लोगों के लिए सबक हो. वहीं बचाव पक्ष से अधिवक्ता विन्देश्वर ठाकुर, विजय दत्त व धीरेन्द्र कुमार मिश्र ने बहस करते हुए कम से कम सजा देने की मांग की थी. क्या है मामला अभियोजन के अनुसार घटना 5 सितंबर 2022 की है. पीड़िता अपनी भतीजी के साथ मेला देखने गई थी. करीब रात के एक पीड़िता मेला से निकल कर स्कूल की तरफ शौच के लिए जा रही थी. इसी बीच रास्ते में सभी आरोपी पीड़िता को स्कूल में ले जाकर बारी बारी से दुष्कर्म किया था. इसी दौरान पीड़िता के चिल्लाने पर स्कूल के बगल से मेला देखने जा लोगों के आने के बाद आरोपी भागने लगे. भागने के क्रम में एक आरोपी मो. जफर अंसारी को लोगों ने पकड़ लिया . इसी दौरान जानकारी मिली कि भागने वाला आरोपी वीडियो भी बना लिया था. मामले की सूचना पर पीड़िता के परिजन आए. मामले को लेकर पीड़िता के बयान पर हरलाखी थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गई थी. वहीं पुलिस के अनुसंधान के क्रम में अन्य तीन आरोपी का नाम सामने आया था. मानसिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश विशेष लोक अभियोजक कुमारी मधुरानी के अनुसार न्यायालय ने पीड़िता की मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में पांच लाख रुपये जिला विधिक सेवा प्राधिकार को देने का आदेश दिया है. साथ ही आरोपी द्वारा जुर्माने कि राशि देने की स्थिति में वह राशि भी पीड़िता को देने का आदेश दिया है.

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