जी राम जी योजना में फर्जी फोटो से मजदूरी हड़पने पर लगेगी रोक

Published by : RANJEET THAKUR Updated At : 28 Jan 2026 9:35 PM

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सभी जॉब कार्डधारी मजदूरों का ई-केवाईसी कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है.

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मधुबनी. मनरेगा योजना में बदलाव कर विकसित भारत जी रामजी योजना का स्वरूप दिए जाने के बाद जिले में जॉब कार्डधारी मजदूरों का ई-केवाईसी का कार्य बड़े पैमाने पर शुरू किया जा रहा है. सभी जॉब कार्डधारी मजदूरों का ई-केवाईसी कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है. विदित हो कि फर्जी जॉब कार्ड और अनियमितताओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सहित विभागीय अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग में जुटे हुए हैं. जिले में कुल 3 लाख 34 हजार 794 एक्टिव जॉब कार्डधारी मजदूर हैं, जिनमें से 2 लाख 19 हजार 777 मजदूरों का ई-केवाईसी कार्य पूरा हो चुका है. जिले में अब तक कुल 45.93 प्रतिशत जॉब कार्डधारियों का ई-केवाईसी हो चुका है. वहीं सक्रिय मजदूरों के मामले में जिले में 65.7 प्रतिशत मजदूर सक्रिय हैं.

फर्जी फोटो से मजदूरी हड़पने पर लगेगी रोक

जी-रामजी योजना में फर्जी फोटो अपलोड कर मजदूरी हड़पने के मामलों पर अब सख्ती होने जा रही है. इसके लिए जिले के सक्रिय जॉब कार्डधारकों की ई-केवाईसी कराया जा रहा है. ई-केवाईसी होने के बाद ही कार्यस्थल पर श्रमिकों की उपस्थिति एप के माध्यम से दर्ज की जा सकेगी. व्यवस्था के तहत यदि किसी श्रमिक की फोटो दोबारा या किसी दूसरे कार्यस्थल की अपलोड की गई तो एप उसे स्वतः खारिज कर देगा. इससे फर्जी उपस्थिति के आधार पर मजदूरी भुगतान की गड़बड़ी पर प्रभावी रोक लगेगी.

एप पकड़ लेगा श्रमिक की दोबारा फोटो

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी श्रमिक की फोटो दोबारा या किसी दूसरे कार्यस्थल की अपलोड की गई तो एप उसे स्वतः खारिज कर देगा. इससे फर्जीवाड़ा पर रोक लगेगी. ई-केवाईसी के बाद कार्यस्थल पर ली गई फोटो का मिलान सीधे आधार में दर्ज फोटो से होगा. एप यह भी जांचेगा कि फोटो सही कार्यस्थल से ही अपलोड की गई है या नहीं. जिले में आधार से लिंक कुल 12 लाख 75 हजार 191 जी-रामजी जॉब कार्डधारक हैं, जिनमें अब तक 2 लाख 19 हजार 777 सक्रिय श्रमिकों की ई-केवाईसी हो पूरी हो चुकी है.

फर्जी फोटो अपलोड कर राशि हड़पने वालों पर होगी कार्रवाई

सरकारी योजनाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए जी राम जी योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत कर दिया गया है. योजना के तहत फर्जी फोटो अपलोड कर सरकारी राशि हड़पने की शिकायतें सामने आने के बाद अब ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, योजना में लाभ लेने के लिए अपलोड की जा रही तस्वीरों और दस्तावेजों की डिजिटल व भौतिक जांच की जाएगी. जांच में सही पाए जाने पर गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी.

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