Earned Leave Encashment: स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और पुनर्नियुक्ति वाले कर्मियों को भी मिलेगा 300 दिनों की छुट्टी का पैसा, बिहार सरकार का आदेश

Published by : Aaruni Thakur Updated At : 10 Jun 2026 5:36 PM

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AI जेनरेटेड फोटो

Earned Leave Encashment: बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अर्जित अवकाश (Earned Leave) के नकद भुगतान पर बड़ी गाइडलाइन जारी की है. विभिन्न परिस्थितियों में अब अधिकतम 300 दिनों का लाभ मिलेगा.

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Earned Leave Encashment: बिहार सरकार ने सरकारी सेवा से निवृत्त होने वाले कर्मचारियों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है. सेवानिवृत्ति के समय अव्यवहृत अर्जित अवकाश (अर्न लीव – Earned Leave) के बदले मिलने वाली नकद राशि की अधिकतम सीमा को लेकर राज्य सरकार द्वारा एक बेहद महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया गया है.

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के संयुक्त सचिव रवींद्र नाथ गुप्ता द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में साफ किया गया है कि विभिन्न परिस्थितियों में सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिकतम 300 दिनों तक की अव्यवहृत अर्जित छुट्टी के बदले नकद भुगतान (लीव एनकैशमेंट) का सीधा लाभ दिया जाएगा.


सभी विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी, दूर हुआ भ्रम

बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सेवानिवृत्ति की तिथि पर संचित अर्जित छुट्टी के समतुल्य नकद भुगतान की अधिकतम सीमा के संबंध में राज्य के सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिवों को विस्तृत दिशा-निर्देश (गाइडलाइन) जारी कर दिए हैं.

विभागीय पत्र के अनुसार, पूर्व में इस विषय पर अलग-अलग विभागों और क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा लगातार स्पष्टीकरण की मांग की जा रही थी, जिससे पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों के निपटारे में देरी हो रही थी. इस प्रशासनिक असमंजस को देखते हुए सरकार ने पूर्व से प्रभावी आदेशों और नियमों का तकनीकी परीक्षण करने के बाद अब स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है. सरकार ने स्पष्ट तौर पर दोहराया है कि किसी भी परिस्थिति में अर्जित अवकाश के नकदीकरण की अधिकतम सीमा 300 दिन से अधिक नहीं होगी.


एक नजर में: लीव एनकैशमेंट गाइडलाइन की मुख्य बातें

इस नीतिगत स्पष्टीकरण का लाभ किन-किन परिस्थितियों में मिलेगा, इसे नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:

सेवानिवृत्ति/सेवा की परिस्थितिनकदीकरण का लाभ (अधिकतम सीमा)विशेष शर्तें व नियम (Rules & Adjustments)
सामान्य वार्षिक सेवानिवृत्तिअधिकतम 300 दिनसेवानिवृत्ति की तिथि पर संचित अवकाश के आधार पर गणना.
बाह्य सेवा/प्रतिनियुक्ति (Deputation)अधिकतम 300 दिनप्रतिनियुक्ति अवधि के दौरान सेवानिवृत्त होने पर भी देय.
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS)अधिकतम 300 दिनअपनी इच्छा से सेवा छोड़ने वाले कर्मी भी पूरी तरह पात्र.
स्वास्थ्य कारण (Medical Grounds)अधिकतम 300 दिनअस्वस्थता के कारण सेवा से पृथक किए गए कर्मियों को लाभ.
पुनर्नियुक्त कर्मी (Re-employed)अधिकतम 300 दिनपुनर्नियुक्ति समाप्ति पर लाभ, लेकिन पुराना एनकैशमेंट घटाया जाएगा.

पुनर्नियुक्ति वाले कर्मचारियों के लिए एडजस्टमेंट का नियम

सामान्य प्रशासन विभाग ने संविदा या अन्य माध्यमों से सेवानिवृत्ति के बाद पुनर्नियुक्ति प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष नियम स्पष्ट किया है. ऐसे कर्मचारियों को पुनर्नियुक्ति की अवधि समाप्त होने के बाद अधिकतम 300 दिनों तक की बची हुई अर्जित छुट्टी का नकद भुगतान तो मिलेगा, लेकिन इसमें एक पेंच है.

नियम के मुताबिक, कर्मचारी ने अपनी पहली (मूल) सेवानिवृत्ति के समय जितने दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण पहले ही करा लिया होगा, उस संख्या को इस 300 दिनों की अधिकतम सीमा में से घटाकर (समायोजित कर) ही शेष दिनों का भुगतान किया जाएगा.


1 अप्रैल 2005 से प्रभावी माना जाएगा आदेश: सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस महत्वपूर्ण पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह स्पष्टीकरण और व्यवस्था 1 अप्रैल 2005 से ही प्रभावी मानी जाएगी. इस भूतलेक्षी (Retroactive) प्रभाव के कारण साल 2005 के बाद से विभिन्न तकनीकी कारणों या भ्रम की वजह से अटके हुए मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा. जिला प्रशासन और स्थापना शाखा को उम्मीद है कि इस आदेश से विभिन्न विभागों में लंबे समय से बनी भ्रम की स्थिति अब हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी और सेवानिवृत्त हो चुके व सेवानिवृत्ति की ओर अग्रसर कर्मचारियों को ससमय उनका हक मिल सकेगा.

मधुबनी से कार्तिक कुमार की रिपोर्ट

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Aaruni Thakur

लेखक के बारे में

By Aaruni Thakur

प्रभात खबर में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत आरुणि ठाकुर, पत्रकारिता के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वर्तमान में वे समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। विस्तार न्यूज और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में अनुभव प्राप्त आरुणि को हाइपरलोकल खबरों, राजनीति और डॉक्यूमेंट्री निर्माण में विशेष रुचि है।

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