Madhubani News : एल्बेंडाजोल की गोली खाने से दर्जनों बच्चे बीमार, खतरे से बाहर
Edited by Prabhat Khabar News Desk
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कपड़फोड़ा में शुक्रवार को एल्बेंडाजोल की गोली खाने से लगभग तीन दर्जन बच्चे बीमार हो गए.
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मधेपुर.
प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय कपड़फोड़ा में शुक्रवार को एल्बेंडाजोल की गोली खाने से लगभग तीन दर्जन बच्चे बीमार हो गए. बच्चों की हालत खराब होते ही मधेपुर पीएचसी में भर्ती कराया गया, चिकित्सक ने बच्चों के इलाज के बाद सभी बच्चों को खतरे से बाहर बताया है. घटना की सूचना पाते ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मरजीना खातून ने मधेपुर अस्पताल पर पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली. बच्चों के परिजनों के अनुसार 10 बजे में स्कूल के बच्चों को एल्बेंडाजोल खिलाया गया. बच्चों को स्कूल में भोजन करने के बाद बच्चे के पेट में दर्द चालू हो गया. चिकित्सक ने बताया कि कुछ बच्चों को पेट में दर्द हो रहा था तथा कुछ बच्चों को उल्टी भी हो रहा था. डॉक्टर ने बताया कि बच्चों को खाली पेट में दावे खिलाने के कारण ऐसा हुआ है अब सभी बच्चे खतरे के बाहर हैं. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मरजीना खातून ने बताया कि घटना के बाद जानकारी मिलते ही अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य के बाबत जानकारी लिए है. कुल 28 बच्चों का ईलाज अस्पताल में किया गया है. स्कूल में 191 नामांकित छात्र छात्राएं है. जिसमें 70 छात्र छात्राएं स्कूल में उपस्थित थे. जिसमें 70 बच्चों को दवा खिलाया गया था. बीमार होने वाले बच्चों में रितेश कुमार अर्जुन राम, आदर्श, घूर्णन राम, रिहान कुमार, अंकुश कुमार, मनोज कुमार सहित अन्य बच्चे का नाम शामिल हैमॉप अप दिवस पर बच्चों को खिलायी गयी कृमि नाशक दवा
बिस्फी.
क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्र व सरकारी गैर सरकारी विद्यालयों पर बच्चों को कृमि नाशक दवा एल्बेंडाजोल की गोली शुक्रवार को खिलायी गयी. क्षेत्र के 19 वर्ष तक के बच्चों को 4 मार्च को राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कीटनाशक दवा खिलायी गयी थी, जो बच्चे किसी कारणवश दवा खाने से वंचित रह गए थे. उनको मॉप अप दिवस के तहत कृमि नाशक दवा खिलायी गयी. सीएचसी प्रभारी डॉ. अब्दुल बासित, हेल्थ मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि मॉप अप के तहत स्कूली बच्चों को कीटनाशक दवा खिलायी गयी है. कृमि संक्रमण से बच्चों के पोषण स्तर एवं हीमोग्लोबिन स्तर पर गहरा असर पड़ता है. इस वजह से बच्चों के शारीरिक व बौद्धिक विकास पर असर न पड़े इसलिए कृमि नाशक दवा खिलायी जा रही है. प्रखंड क्षेत्र के सौ से अधिक विद्यालयों एवं सभी आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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