Madhubani News : राम बनवास का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु

Updated at : 07 Mar 2025 10:37 PM (IST)
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Madhubani News : राम बनवास का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु

हृदयनाथ महराज ने राम वनवास व राम केवट संवाद कथा की अद्भुत व्याख्या की.

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खजौली.

प्रखंड क्षेत्र के ललित लक्ष्मीपुर हॉल्ट से पश्चिम शास्त्रीनगर स्थित दीनानाथ सर्वोच्च सेवा संस्थान परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन कथावाचाक पूज्य श्रीहृदयनाथ जी महराज ने श्रद्धालुओं को राम वनवास व राम केवट संवाद कथा की अद्भुत व्याख्या किया. इस दौरान कथावाचक ने कैकेई द्वारा राजा दशरथ से दो वरदान मांगना, राम बनवास दशरथ का पुत्र वियोग में प्राण त्यागना, राजा सुमंत का बहुत ही करुण क्रंदन करना तथा भरत का श्रीराम से वापस अयोध्या लौटने की विनय करने का हृदय स्पर्शी वर्णन किया. उन्होंने कहा कि जब आप दूसरे की मर्यादा को सुरक्षित रखेंगे तभी आपकी मर्यादा सुरक्षित रह सकेगी. कथावाचक पूज्य श्रीहृदयनाथ जी महराज ने कहा कि गुरु वशिष्ट की पत्नी अर्थात गुरु माता अदिति द्वारा भी राम बनवास के लिए जब माता कौशल्या से कैकई को दोषी ठहराने की बात की गई तो माता कौशल्या ने कैकई के महान चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि जिस माता की कोख से भरत जैसा पुत्र जन्म लेता है वह माता गलत हो ही नहीं सकती. उन्होंने कहा कि धरा धाम में अवतरित अवतारों ने हमेशा जनमानस को सीख दी है कि आपका प्रारब्ध कभी आपका पीछा नहीं छोड़ेगा लिहाजा इस जन्म में किए जाने वाले अच्छे कर्म आपके अगले जन्म के प्रारब्ध बन सकते हैं.

राम-लखन केवट संवाद कथा पर विस्तार से हुई चर्चा

कथावाचाक पूज्य श्रीहृदयनाथ जी महराज ने राम और केवट का भी वर्णन करते हुए सतयुग की उस घटना का भी जिक्र किया जिसमें केवट कछुआ के रूप में शेषशैया पर विराजमान भगवान विष्णु के चरण पखारना चाहता था. लेकिन शेषनाग और माता लक्ष्मी उसे बार-बार हटा देते थे लेकिन भक्त की इच्छा को पूरा करने के लिए वही भगवान राम के रुप में और माता लक्ष्मी सीता के रूप में है. जबकि शेष अवतार लक्ष्मण के रुप में और वह पूर्व जन्म के चरण छूने की अपनी अभिलाषा को पूर्ण कर लेता है . धरती को राक्षस जाति से मुक्त करने का संकल्प लेते हुए प्रभु राम वन को प्रस्थान करते हैं. राजा भरत पुनः वापस अयोध्या चलने का निवेदन किये लेकिन प्रभु राम उन्हें क्षत्रिय धर्म की मर्यादा का पाठ पढ़ाते हुए अपने अपने धर्म के तहत अपने कर्तव्य को पूरा करने की सीख देते हैं . मौके पर श्रद्धालु नरेश ठाकुर, दिनेश साहु, भोला साहु, अजय झा, फूलचन चैपाल, मुकेश कुमार, दिनेश कुमार, कुंवर बाबू, अंजुला देवी, सरीता देवी उपस्थित थीं.

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