लाभार्थी केवाईसी कराएं, तभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाएं

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े लाभार्थियों के लिए प्रशासन ने स्पष्ट संदेश जारी किया है.
पेंशनधारक साल में एक बार जरूर कराये जीवन प्रमाणीकरण तकनीक से आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक सेवा सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों के लिए सख्त चेतावनी मधुबनी . सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े लाभार्थियों के लिए प्रशासन ने स्पष्ट संदेश जारी किया है. निर्धारित समय-सीमा के भीतर केवाईसी नहीं कराने वाले पेंशनधारकों की पेंशन सीधे बंद कर दी जाएगी. इस संबंध में किसी भी प्रकार की ढिलाई या बहाने को स्वीकार नहीं किया जाएगा. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पेंशन केवल सत्यापित और पात्र लाभार्थियों को ही दी जाएगी. केवाईसी कराना अनिवार्य है, ताकि फर्जी नामों, मृत लाभार्थियों और दोहरे भुगतान पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके. बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद जो पेंशनधारक जनवरी के अंत तक केवाईसी नहीं कराएंगे, उनकी पेंशन स्वतः रोक दी जाएगी. जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक नितेश कुमार पाठक ने कहा है कि पेंशन बंद होने के बाद यह कहना कि जानकारी नहीं थी, मान्य नहीं होगा. लाभार्थियों को अपने नजदीकी सीएससी, प्रखंड कार्यालय या अधिकृत केंद्र पर जाकर आधार आधारित केवाईसी शीघ्र पूरी करनी होगी. प्रशासन का दो टूक कहना है-केवाईसी कराएं, तभी पेंशन पाएं. यह कदम पेंशन व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए उठाया गया है. सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों से अपील है कि समय रहते केवाईसी पूरी कर लें, अन्यथा पेंशन बंद होने की पूरी जिम्मेदारी स्वयं लाभार्थी की होगी. मधुबनी में छह लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारक मधुबनी जिला सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिहाज से राज्य के बड़े जिलों में शामिल है. जिले में छह लाख से अधिक पेंशनधारक वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत लाभ ले रहे हैं. यह आंकड़ा अपने-आप में बताता है कि पेंशन केवल योजना नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका और सम्मान का सहारा है. प्रशासन का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए पेंशन व्यवस्था में पारदर्शिता और सख्ती दोनों जरूरी हैं. इसी कारण अब केवाईसी को अनिवार्य किया गया है और स्पष्ट कर दिया गया है कि बिना केवाईसी के पेंशन नहीं मिलेगी. प्रशासन का साफ संदेश है- मधुबनी में छह लाख से अधिक पेंशनधारक हैं, इसलिए नियम सबके लिए बराबर हैं. समय पर केवाईसी कराएं, तभी पेंशन जारी रहेगी. सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों साल में एक बार कराना होगा केवाईसी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े सभी लाभार्थियों को अब हर साल में एक बार केवाईसी कराना अनिवार्य होगा. इसका उद्देश्य पेंशन व्यवस्था को पारदर्शी रखना और केवल पात्र लाभार्थियों तक ही पेंशन पहुंचाना है. अधिकारियों के अनुसार वार्षिक केवाईसी से मृत, अपात्र या दोहरे नामों की पहचान आसान होगी और पेंशन राशि का दुरुपयोग रोका जा सकेगा. इसके लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनधारकों को भी किसी तरह की परेशानी न हो. पेंशनधारक अपना केवाईसी नजदीकी सीएससी सेंटर पर निःशुल्क करा सकते हैं. केवाईसी नहीं कराने की स्थिति में संबंधित लाभार्थी की पेंशन रोकी या बंद की जा सकती है. आईरिस और फेस स्कैन से भी होगा केवाईसी पेंशनधारियों के लिए एक राहतभरी और भरोसेमंद खबर है. अब पेंशन लाभार्थियों को केवाईसी कराने के लिए बार-बार कागजात या लंबी कतारों की परेशानी नहीं झेलनी होगी. सरकार ने केवाईसी प्रक्रिया को और अधिक सरल व सुरक्षित बनाते हुए आईरिस (आंखों की पुतली) और फेस स्कैन की सुविधा शुरू की है. इस नई व्यवस्था के तहत बुजुर्ग, दिव्यांग और अस्वस्थ पेंशनधारी अब आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से आसानी से केवाईसी करा सकेंगे. जिन लोगों के फिंगरप्रिंट स्पष्ट नहीं आते थे, उनके लिए यह सुविधा विशेष रूप से वरदान साबित होगी. तकनीक आधारित इस पहल से न सिर्फ फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी, बल्कि सही लाभार्थी को समय पर पेंशन मिलना भी सुनिश्चित होगा. आईरिस और फेस स्कैन के जरिए पहचान सत्यापन अधिक सटीक और सुरक्षित होगा, जिससे पेंशन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी. अधिकारियों के अनुसार, इस सुविधा का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र पेंशनधारी तकनीकी या शारीरिक कारणों से लाभ से वंचित न रहे. कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), कैंप और अधिकृत सेवा केंद्रों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. सीएससी सेंटर पर निःशुल्क कराएं जीवन प्रमाणिकरण सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े पेंशनधारक अब अपना केवाईसी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर पूरी तरह निःशुल्क करा सकते हैं. इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है. प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सीएससी पर आधार आधारित केवाईसी, आईरिस और फेस स्कैन के माध्यम से सत्यापन बिना किसी शुल्क के किया जाएगा. यदि कोई सीएससी संचालक केवाईसी के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, केवाईसी कराना इसलिए अनिवार्य किया गया है ताकि सही और पात्र पेंशनधारकों को ही पेंशन का लाभ मिले और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर रोक लग सके. पेंशनधारकों से कहा गया है कि वह अंतिम तिथि का इंतजार न करें और शीघ्र अपने नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर केवाईसी करा लें.
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