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बाल हृदय योजना से धड़केगा दिव्याशा व मुस्तकीम का दिल

Updated at : 08 Jan 2026 6:26 PM (IST)
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बाल हृदय योजना से धड़केगा दिव्याशा व मुस्तकीम का दिल

मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना से एक बार फिर जिले के दो बच्चे दिव्याशा कुमारी व मुस्तकीम के दिल की धड़कनें अब सामान्य रूप से धड़केगी.

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मधुबनी. मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना से एक बार फिर जिले के दो बच्चे दिव्याशा कुमारी व मुस्तकीम के दिल की धड़कनें अब सामान्य रूप से धड़केगी. दोनों बच्चों को दिल में छेद की शिकायत थी. दोनों बच्चों को परिजनों के साथ गुरुवार को इलाज के लिए सत्य साईं अस्पताल अहमदाबाद भेजा गया. परिजनों को 102 एम्बुलेंस से पटना भेजा गया. इसके बाद हवाई जहाज से अहमदाबाद ले जाया गया. जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्क्रीनिंग के बाद निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा. बाल हृदय योजना के तहत जिला में अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 तक दिल के छेद वाले 130 बच्चों का सफल आपरेशन किया गया है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कार्यरत डॉक्टर, फर्मासिस्ट और एएनएम प्रतिदिन सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की जांच कर जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों को चिन्हित करते हैं.

130 से अधिक बच्चों को मिला नया जीवन

अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 तक जिले में 130 से अधिक दिल में छेद वाले बच्चों का सफल ऑपरेशन कराया गया है. यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है. जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते. डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि कोई बच्चा जन्मजात रोग से पीड़ित है, उसके परिजन नजदीकी प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत आरबीएसके टीम से संपर्क कर नि:शुल्क जांच और इलाज का लाभ उठा सकते हैं.

असहाय परिवारों के लिए आशा की किरण

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ. दीपक कुमार गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों को समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराना है. ताकि वे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकें. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के चर्म रोग, दांत, आंख, श्वसन विकार, कटे होंठ-तालू, जन्मजात विकलांगता, दिल में छेद सहित 45 प्रकार के रोगों का नि:शुल्क इलाज किया जाता है. उन्होंने इस योजना के तहत लाभ लेने बाले परिजनों से अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने की अपील की है. यह योजना न केवल बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक उम्मीद की किरण भी है. जो यह भरोसा दिलाती है कि सरकार उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पित है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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