Madhubani News: अब 100 नहीं 125 दिन मिलेगा काम; बिरसा बागवानी ग्राम रोजगार योजना पर बोले डीएम आनंद शर्मा

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जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते डीएम आनन्द शर्मा

केंद्र सरकार की 'बिरसा बागवानी ग्राम रोजगार योजना' मनरेगा का विस्तार है, जो अब 100 की जगह 125 दिन रोजगार देगी। इस योजना में खेती के लिए 2 महीने की छुट्टी और 15 दिनों में भुगतान की गारंटी शामिल है.

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Madhubani News: 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'बिरसा बागवानी ग्राम रोजगार योजना' (BBGRY) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को एक दिवसीय पंच सम्मेलन सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने उपस्थित त्रिस्तरीय पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों को इस नई योजना की बारीकियों और संचालन नियमों की विस्तार से जानकारी दी.

Jhanjharpur News: 100 की जगह 125 दिन रोजगार, खेती के लिए मिलेगी 2 माह की छुट्टी

डीएम आनंद शर्मा ने बताया कि बिरसा बागवानी ग्राम रोजगार योजना दरअसल मनरेगा का ही आधुनिक और विस्तारित रूप है.

मनरेगा में जहां श्रमिकों को वर्ष में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती थी, वहीं बीबीजीआरवाई के तहत इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है. इसके अलावा, कृषि सत्र के दौरान ग्रामीण मजदूरों को खेती-बाड़ी करने की सुविधा देने के लिए वर्ष में 2 महीने का अवकाश भी निर्धारित किया गया है, ताकि कृषि उत्पादन पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े.

15 दिनों में भुगतान अनिवार्य, देरी पर लापरवाह कर्मियों पर लगेगा जुर्माना

श्रमिकों के पारिश्रमिक भुगतान को लेकर डीएम ने बेहद कड़े नियम स्पष्ट किए. उन्होंने कहा कि कार्य समाप्ति के 15 दिनों के भीतर हर हाल में मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा.

यदि किसी पदाधिकारी या कर्मी की लापरवाही के कारण भुगतान में विलंब होता है, तो मजदूर को उसकी कुल मजदूरी पर 0.05 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से ब्याज जोड़कर भुगतान मिलेगा. क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाने वाली यह अतिरिक्त ब्याज राशि दोषी कर्मी या पदाधिकारी के वेतन से जुर्माने के तौर पर वसूली जाएगी.

318 प्रकार की योजनाएं होंगी संचालित, जल संरक्षण पर विशेष जोर

डीएम ने जानकारी दी कि पूर्व में मनरेगा के तहत 266 प्रकार के कार्य स्वीकृत थे, लेकिन अब बीबीजीआरवाई के तहत 318 विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जाएगा.

योजना का मुख्य फोकस जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण, आजीविका संवर्धन, आपदा प्रबंधन और जलवायु अनुकूल विकास कार्यों पर रहेगा. आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के साथ अभिसरण (कन्वर्जेंस) कर भी योजनाएं चलाई जा सकेंगी. गांवों की तस्वीर बदलने के लिए जिला स्तर से इसकी निरंतर मॉनिटरिंग होगी.

प्रशिक्षण में कई वरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

कार्यक्रम में अनुमंडल और जिला स्तर के प्रमुख प्रशासनिक पदाधिकारी तथा जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए.

मौके पर डीसी सुमन कुमार शाह, एसडीएम टोनी कुमारी, पीओ निरंजन राय, डीपीओ मधुबनी, बीबीजीआरवाई के कार्यपालक अभियंता हेमंत वर्मा और जिला समन्वयक अजय कुमार राय मौजूद थे. इसके साथ ही प्रखंड के अधिकांश मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया.

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संजय कुमार

लेखक के बारे में

By संजय कुमार

संजय कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. झंझारपुर (मधुबनी) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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