अंधराठाढ़ी. सकरी चीनी मिल चालू होने की घोषना से भदुआर के किसानों में खुशी की लहर है. किसानों को अपनी पुरानी समृद्धि लौटने की आस जग गयी है. सकरी चीनी मिल यहां के किसानों की आय का मुख्य स्रोत था. इस गांव की बालू की रेत से बने बंजर जमीन में फिर से हरियाली दिखने लगेगी. हजारों एकड़ में गन्ना की फसल लहलहाएगी.
सकरी चीनी मिल बंद रहने से हो रहा गुड़ का उत्पादन
चीनी मिल बंद रहने के कारण भदुआर गांव में गन्ना उत्पादक किसान गुड़ उद्योग से जुड़ गये थे. करीब एक दर्जन कोल्हू था. चीनी मिल बंद होने से गन्ना उत्पादन भी बंद सा हो गया है. अब कुछेक किसान ही गुड़ का उत्पादन कर रहे है. किसान के पास गन्ना ढुलाई के बैलगाड़ी हुआ करता था. जो खेतों से ईख लेकर महरैल स्टेशन (राटन ) तक पहुंचाते थे. इसके बाद गन्ना ट्रेन से सकरी पहुंचता था. चीनी मिल से यहां के किसानों में काफी समृद्धि थी. वह नकदी फसल के रूप में गन्ना का उत्पादन कर बच्चों की पढ़ाई से लेकर बिटिया की शादी तक के लिए चिंता से मुक्त रहते थे. दिसंबर 2025 के अंत में बिहार सरकार ने सात निश्चय योजना- 3 के तहत सकरी चीनी मिल चालू करने का निर्णय लिया है. इसका संचालन सहकारिता विभाग के सहकारी समितियां के माध्यम से किया जाएगा. सकरी मिल चालू होने की धोषना से यहां के किसान में एक नयी उम्मीद जगी है.
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