बगैर मानक वाले नर्सिंग होम पर पर होगी कार्रवाई

जिले में अवैध नर्सिंग होम, पैथ लैब व अल्ट्रासाउंड का धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा है.
मधुबनी . जिले में अवैध नर्सिंग होम, पैथ लैब व अल्ट्रासाउंड का धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा है. जिला मुख्यालय हो या फिर प्रखंड क्षेत्र का कस्बाई बाजार सभी जगह अवैध नर्सिंग होम का कारोबार फैला हुआ है. जिला प्रशासन ने इसपर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है. डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला मुख्यालय सहित प्रखंड स्तर पर संचालित वैध एवं अवैध सभी नर्सिंग होम व सभी प्रकार के जांच घरों की जांच के लिए 12 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है. वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले एक वर्ष में तक जिले के लगभग 100 अवैध नर्सिंग होम व पैथ लैब संचालकों पर अर्थदंड के साथ ही प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. इससे स्वास्थ्य विभाग को लगभग 50 लाख हजार रुपए राजस्व की प्राप्ति हुई है. जबकि आठ अल्ट्रासाउंड के लाइसेंस को डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने निरस्त कर दिया है. डीएम के निर्देश के आलोक में सिविल सर्जन ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित अवैध नर्सिंग होम, लैब, अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सेंटर की जांच के लिए जांच टीम का गठन किया है. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यालय सहित प्रखंडों में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड, लैब एवं एक्सरे की जांच के लिए छापेमारी टीम का गठन किया गया है. उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस व मानक के अनुरूप संचालित होने वाले संस्थानों की शिनाख्त के लिए यह कार्रवाई अनवरत जारी रहेगा. नर्सिंग होम संचालन के लिए तय मानदंड सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार भीमसारिया ने कहा कि जिले में सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा 281 सरकारी अस्पताल, नर्सिंग होम, लैब, एक्स-रे व क्लीनिक निबंधित है. जिसमें सरकारी स्वास्थ्य संस्थान 111, नर्सिंग होम 69, लैब 48, एक्स-रे 19, एकल प्रैक्टिशनर 43, व एक मेडिकल कॉलेज शामिल है. नर्सिंग होम, लैब, अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे के लिए सबसे पहले क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है. इसके बाद नर्सिंग होम संचालन के लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टर, प्रशिक्षित असिस्टेंट, ए ग्रेड स्टाफ नर्स, हवादार भवन, दो गेट, खिड़की युक्त मरीज का कमरा, हाइजिनिक साफ-सफाई, प्रदूषण मुक्त वातावरण, अग्निशमन का प्रबंधन, बायो मेडिकल वेस्ट के साथ-साथ वार्ड बॉय, साफ सुथरा वाशरूम एवं बैठने के लिए हवादार जगह अनिवार्य है. इन मानदंडों पर दो चार नर्सिंग होम को अपवाद में छोड़ दें तो शायद ही कोई पूरा करता दिखता है. डीएम ने जांच टीम का किया गठन डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने मुख्यालय में जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है. जिसमें दो प्रशासनिक पदाधिकारी व दो चिकित्सकों को शामिल किया गया है. मुख्यालय के लिए गठित टीम- 1 द्वारा जांच किए जाने वाले क्षेत्रों में लहेरियागंज, मीना बाजार, आर के कॉलेज गेट, किशोरी लाल चौक, बड़ा बाजार, शंकर चौक एवं तिलक चौक तक का क्षेत्र निर्धारित किया गया है. जांच दल में अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मनीष, वरीय उप समाहर्ता बालेंद्र नारायण पांडेय, जिला वैक्टर बोर्ड डिजीज कंट्रोल पदाधिकारी डॉ. डीएस सिंह एवं विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी सदर अस्पताल डॉ. कुणाल कौशल शामिल हैं. टीम 2 में जांच किए जाने वाले क्षेत्रों में बाबू साहब चौक से रांटी चौक, चकदह, तिलक चौक से स्टेशन चौक, बाटा चौक एवं महाराजगंज तक का क्षेत्र निर्धारित किया गया है. जांच दल में वरीय उप समाहर्ता सुजीत वरनवाल, वरीय उप समाहर्ता नसीन कुमार निशांत, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुमन एवं विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी सदर अस्पताल डॉ. संजीव कुमार शामिल हैं. वहीं टीम 3 में जांच किए जाने वाले क्षेत्रों में थाना मोड़ से मेडिकल कॉलेज एवं कोतवाली चौक, भौआड़ा से बसुआरा तक का क्षेत्र निर्धारित किया गया है. इस जांच दल में वरीय उप समाहर्ता मयंक सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी हेमंत कुमार, जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉक्टर शंभू नारायण झा एवं जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जीएम ठाकुर को शामिल किया गया था.
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By Prabhat Khabar News Desk
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