34.55 करोड़ रुपये की उपयोगिता लंबित

Updated at :23 Apr 2017 2:26 AM
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34.55 करोड़ रुपये की उपयोगिता लंबित

मधुबनी : सर्व शिक्षा अभियान में कार्यरत विभिन्न संभाग प्रभारियों के जिम्मे बिहार शिक्षा परियोजना के कई मदों का का वित्तीय साल 2005-06 से 2015-16 तक का 34 करोड़, 55 लाख, एक हजार 926 रुपये अग्रिम राशि का उपयोगिता लंबित है. जिससे महालेखाकार के समक्ष इन राशियों का समायोजन नहीं हो पा रहा है. करोड़ो […]

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मधुबनी : सर्व शिक्षा अभियान में कार्यरत विभिन्न संभाग प्रभारियों के जिम्मे बिहार शिक्षा परियोजना के कई मदों का का वित्तीय साल 2005-06 से 2015-16 तक का 34 करोड़, 55 लाख, एक हजार 926 रुपये अग्रिम राशि का उपयोगिता लंबित है. जिससे महालेखाकार के समक्ष इन राशियों का समायोजन नहीं हो पा रहा है.

करोड़ो रुपये अग्रिम राशि खर्च कर दी गई है या पासबुक की शोभा बढ़ा रहा है. यह तो विभाग को उपयोगिता मिलने के बाद ही पता चलेगा. लेकिन, फिलहाल सभी संभाग प्रभारी इस असमायोजित राशि को लेकर विभाग के टारगेट बने हुए है.

क्या है मामला. बिहार शिक्षा परियोजना द्वारा सिविल मद में भवन, वाउंड्रीवाल, रसोईघर, शौचालय, मूत्रालय, चापाकल आदि के निर्माण के लिए जिले के विद्यालय शिक्षा समिति को करोड़ो रूपये की राशि उपलब्ध कराया. जिसमें 24 करोड़, 25, 94 हजार 588 रूपये 50 पैसे अग्रिम राशि का उपयोगिता विभाग को अप्राप्त है. इसके संभाग प्रभारी एसएसए के सहायक अभियंता जय प्रकाश रंजन है. जिन्हें विभाग के उक्त राशि का समायोजन कराना है.

इसी तरह एआरपी अर्जुन कुमार के जिम्मे शिक्षक वेतन मद, पोशाक एवं इएफइ मद में 5 करोड़ 46 लाख 42 हजार 790 रूपये अग्रिम राशि है. एआरपी आशा कुमारी के जिम्मे केजीबीबी एवं एनपीइजीइएल सामान्य मद का एक करोड़ 48 लाख 58 हजार 872 रूपये अग्रिम लंबित है. एआरपी हरिश्चंद्र राम के जिम्मे दो करोड़ 27 लाख 82 हजार 56 रूपये विधालय शिक्षा समिति प्रशिक्षण एवं स्कूल ग्रांट मद का अग्रिम बकाया है. गौड़ी शंकर सिंह जेई के जिम्मे एमजीटी, आईइडी एवं जीईडी मद का एक करोड़‍ एक लाख 17 हजार 903 रुपये अग्रिम राशि का समायोजन होना है. तथा एपीओ हुलास राम को 5 लाख 5 हजार 716 रुपये 50 पैसे अग्रिम राशि का समायोजन करना है.

विभाग की हो रही किरकिरी. करोड़ो रुपये अग्रिम राशि समायोजित नहीं होने के कारण एजी कार्यालय में विभाग वर्षो से की किरकिरी हो रही है. जबकि इन वर्षो दर्जनों बार डीपीओ द्वारा सभी संभाग प्रभारी, बीइओ, बीआरपी, सीआरसी, एवं प्रधानाध्यापकों विभिन्न बैठकों तथा पत्रों के माध्यम से इसे प्राथमिकता के तौर पर समायोजित कराने का निर्देश दिया गया है.

लेकिन नतीजा सिफर है. अब विभाग सख्ती से संभाग प्रभारियों को जिम्मेवार मानते हुए कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया है. राशि समायोजित नहीं होने से अगला आवंटन प्राप्त करने में विभाग को काफी परेशानी हो रही है. जिसका प्रभाव विद्यालय विकास पद पड़ रहा है.

जिले में सर्वशिक्षा अिभयान का हाल

संभाग प्रभारियों की लापरवाही उजागर

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