विभाग ने किया जिले को सतर्क

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मधुबनीः आपदा प्रबंधन विभाग ने मौसम विभाग द्वारा जारी भीषण बारिश की संभावना के मद्देनजर तैयारी शुरू कर दिया है. इसके तहत बांध व तटबंध की निगरानी में प्रतिनियुक्त गृह रक्षकों को तटबंध निगरानी में चौकसी बरतने का आदेश दिया गया है. साथ ही कटाव वाले तटबंधों की युद्ध स्तर पर मरम्मती करने का भी […]

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मधुबनीः आपदा प्रबंधन विभाग ने मौसम विभाग द्वारा जारी भीषण बारिश की संभावना के मद्देनजर तैयारी शुरू कर दिया है. इसके तहत बांध व तटबंध की निगरानी में प्रतिनियुक्त गृह रक्षकों को तटबंध निगरानी में चौकसी बरतने का आदेश दिया गया है. साथ ही कटाव वाले तटबंधों की युद्ध स्तर पर मरम्मती करने का भी निर्देश विभाग ने दे दिया है. विगत दिनों मौसम विभाग ने सितंबर के दूसरे सप्ताह में नेपाल से सटे क्षेत्र में भयानक बारिश होने की संभावना व्यक्त करते हुए भीषण बाढ़ व आपदा की चेतावनी दी है.

शनिवार को सरकार के मुख्य सचिव सभी आयुक्त व जिला पदाधिकारी व एसपी से इस स्थिति से निबटने की तैयारी को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे. इस दौरान विभिन्न प्रखंडों में बाढ़ व आपदा के दौरान खतरों से निबटने की तैयारी का जायजा लिया जायेगा. वहीं विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी ने जिला पदाधिकारी को समय से तैयारी पूरा कर ने का निर्देश दिया गया है. संभावित भयानक बारिश को लेकर सभी अंचल को सतर्क कर दिया गया है. जिले के जितने भी आपदा प्रशिक्षित ट्रेनर है उन्हें भी इस संभावित आपदा की जानकारी देते हुए विशेष रूप से सतर्कता बरतने व आपदा के समय लोगों को बचाने के लिए तत्पर रहने को कहा गया है. वहीं संभावित आपदा को लेकर 24 घंटे काम करने वाले वायरलेस सेट अथवा फोन की तैयारी के साथ ही नियंत्रण कक्ष बनाया जा रहा है. जिले में बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली एहतियात को ले जिला प्रशासन हर रूप से तैयारी में जुटा हुआ है.

वर्षा का अनुमान

जिले में हल्की बारिश होने का अनुमान है. न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहेगा. कृषि मौसम परामर्शी सेवा राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डा. आईबी पांडेय के अनुसार पिछले तीन दिनों में 18 मिमी वर्षा हुई है. मौसम वैज्ञानिक के अनुसार जिले में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम वर्षा होने का अनुमान है. पुरबा हवा चलेगी. डा. पांडेय ने सुझाव दिया है कि सितंबर अरहर की बुआयी करें. शकरकंद की भी बुआयी किसान कर सकते है. धान की फसल जो गाभा या बाली निकलने की अवस्था में आ गई हो उसमें 30 किलो नेत्रजन प्रति हेक्टेयर की दर से देने को कहा है. धान की फसल में खैरा बीमारी दिखाई देने पर खेतों में जिंक सल्फेट का छिड़काव करने का सुझाव दिया है. इसके लिये पांच किलो जिंक सल्फेट व 2.5 किलो चूना का एक हजार लीटर पानी में घोल कर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करने का सुझाव दिया है.

सुखाड़ घोषित करने की मांग

बिहार राज्य वार्ड सदस्य संघ के अध्यक्ष कमलाकांत झा ने समाहर्ता को ज्ञापन देकर मधुबनी जिला को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मधुबनी(जिला) में बारिश नहीं होने के कारण खेत में लगे धान की बिचड़ा सुख गया है. वार्ड सदस्यों ने कहा कि कृषि विभाग सिर्फ बात करती है. जबकि किसान खेत के तरफ जाता नहीं हैं. क्योंकि खेत में लगी धान की बिचड़ा को देख कर वे हतोत्साहित हो रहे हैं.

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