लिपिक का काम कर रहे हाइस्कूल के शिक्षक

Updated:
विज्ञापन

मधुबनी : जिले के हाइस्कूलों में शिक्षकों की कमी से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है. वहीं, कुछ शिक्षक को डीपीओ योजना लेखा कार्यालय में प्रतिनियोजित कर उनसे लिपिक का काम लिया जा रहा है. लगभग पिछले दो महीने से चार-पांच शिक्षक डीपीओ योजना लेखा कार्यालय में प्रतिनियोजित हैं. 1376 शिक्षक हैं कार्यरत जिले […]

विज्ञापन
मधुबनी : जिले के हाइस्कूलों में शिक्षकों की कमी से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है. वहीं, कुछ शिक्षक को डीपीओ योजना लेखा कार्यालय में प्रतिनियोजित कर उनसे लिपिक का काम लिया जा रहा है. लगभग पिछले दो महीने से चार-पांच शिक्षक डीपीओ योजना लेखा कार्यालय में प्रतिनियोजित हैं.
1376 शिक्षक हैं कार्यरत
जिले के 139 हाइस्कूलों में लगभग एक लाख छात्र-छात्रएं हैं, जिनको पढ़ाने के लिए सिर्फ लगभग 1376 शिक्षक शिक्षिकाएं हैं. इसमें लगभग 1152 नियोजित शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं जबकि सिर्फ 224 नियमित शिक्षक पदस्थापित हैं. विषयवार शिक्षकों की काफी कमी है. कहीं, एक ही विषय के एक से अधिक शिक्षक हैं तो कहीं उस विषय में शिक्षक हैं ही नहीं.
अधिकांश हाइस्कूल बिना प्रधानाध्यापक के चल रहे हैं. इससे शैक्षणिक अनुशासन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. प्रभार देकर अधिकांश हाइस्कूलों में प्रधानाध्यापक का काम लिया जा रहा है. कई स्कूलों में प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद को लेकर विवाद गहराने लगा है.
उत्क्रमित हाइ स्कूलों में शिक्षक नहीं
जिले में पिछले कुछ सालों में मिडिल स्कूलों को हाइस्कूल में अपग्रेड करने का सिलसिला जारी है. लगभग 60 अपग्रेडेड हाइस्कूल हैं. इन अपग्रेडेड हाइस्कूलों में कहीं कहीं एक भी शिक्षक नहीं रहने के कारण छात्र-छात्राओं को मिडिल स्कूल के शिक्षक पढ़ाते हैं.
क्या कहते हैं अभिभावक
जिले में पढ़ रहे हाइस्कूल के छात्र छात्राओं के अभिभावकों ने जिला पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि शिक्षकों को प्रतिनियोजन से मुक्त कराकर उन्हें मूल विद्यालयों में भेजा जाये, जिससे छात्र छात्राओं को शिक्षकों के अभाव का सामना नहीं करना पड़े.
क्या कहते हैं शिक्षक
प्रतिनियोजित शिक्षक मोनाजीर हसन व अन्य ने बताया कि पूर्व में डीपीओ माध्यमिक शिक्षा ने उनका प्रतिनियोजन किया था. बाद में डीपीओ योजना लेखा के आदेश पर वे काम कर रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
डीपीओ योजना लेखा कामिनी कुमारी ने कहा कि उन्होंने जब से योगदान किया तब से ही ये हाइ स्कूल के शिक्षक उनके कार्यालय में कार्यरत हैं. प्रतिनियोजन के संबंध में उच्चधिकारियों का जो भी निर्देश होगा उसका पालन किया जायेगा.
शनिवार को कक्षाएं प्रभावित
जिले में प्राइमरी व मिडिल स्कूल के अप्रशिक्षित शिक्षक व शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण देने के लिये इनरिचमेंट कोर्स व डीएलएड कोर्स पिछले लगभग छह महीनों से चलाया जा रहा है. 30 से अधिक स्टडी सेंटरों पर हाइ स्कूलों के शिक्षक साधनसेवी के रूप में प्रतिनियुक्त हैं जो शनिवार व रविवार को प्रशिक्षण देते हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन