विवाद को शांत करने की नीयत से रात में गयी थी पुलिस, ग्रामीणों ने किया हंगामा
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :30 Jun 2017 5:00 AM
विज्ञापन

हंगामा. शिवलिंग को बचाने के लिए कुछ भी करने पर आमादा थे ग्रामीण खोजपुर के ग्रामीण मंिदर में शिवलिंग को िकये थे स्थापित मधुबनी/ बाबूबरही : पुलिस प्रशासन की मंशा तो शिवलिंग को लेकर दो पंचायत के लोगों के बीच उठे विवाद को शांत करना था. पर प्रशासनिक चूक से बड़ी घटना हो गयी. पुलिस […]
विज्ञापन
हंगामा. शिवलिंग को बचाने के लिए कुछ भी करने पर आमादा थे ग्रामीण
खोजपुर के ग्रामीण मंिदर में शिवलिंग को िकये थे स्थापित
मधुबनी/ बाबूबरही : पुलिस प्रशासन की मंशा तो शिवलिंग को लेकर दो पंचायत के लोगों के बीच उठे विवाद को शांत करना था. पर प्रशासनिक चूक से बड़ी घटना हो गयी. पुलिस प्रशासन लोगों को अपने विश्वास में लेकर या लोगों के सहमति से पहल करने के बजाय रात के अंधेरे में शिवलिंग को जबरन कब्जा करने पहुंची. जिस कारण खोजपुर के लोगों ने इसका जमकर विरोध कर दिया और हिंसक हो गये.
आस्था के नाम पर लोग अपनी जान तक गंवा बैठे.
आलम यह था कि लोग शिवलिंग को हर हाल में बचाने के लिये कुछ भी करने को आमदा थे. एक ओर जहां जान देकर भी शिवलिंग को बचाने की कोशिश की वहीं पुलिस के पांच वाहन तक को आग के हवाले कर दिया. एसपी दीपक बरनवाल ने कहा है कि पुलिस कभी भी दो पंचायत में विवाद नहीं होने देना चाहती थी. यही कारण था कि इस शिवलिंग को अपने कब्जे में करने पहुंची. एसपी दीपक बरनवाल ने कहा है कि इस शिवलिंग के मिलने के दिन से ही बेला पंचायत व खोजपुर पंचायत के लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया था. कई बार कई लोगों के साथ बैठक किया गया. एक कमेटी भी बनायी गयी. पर विवाद उलझता ही गया. लोगों को आक्रोश दिन व दिन बढ़ता ही जा रहा था.
बेला पंचायत के नवका टोल निवासी जहां शिवलिंग को अपने खेत में निकलने के कारण उस पर अपना अधिकार जमाना चाहते थे तो वहीं दूसरी ओर खोजपुर के लोगों ने शिवलिंग को उन्हें मिलने के कारण उस पर अपना हक जमाते हुए उसे खोजपुर में मंदिर परिसर में विधिवत स्थापित भी कर दिया था. खोजपुर पंचायत के लोग किसी भी कीमत पर इस शिवलिंग को अपने से दूर नहीं होने देना चाहते थे.
क्षति नहीं पहुंचाना चाहती थी पुलिस. दिन में भी पुलिस शिवलिंग को अपने कब्जे में करने जा सकती थी. पर इससे माहौल और अधिक खराब होने का डर पुलिस प्रशासन को था. पुलिस दिन में जाती तो अिधक परेशानी होती. इसलिए रात में गयी थी. एसपी की मानें तो लोगों से इस मुद्दे को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की बातें भी हुई थी. पुलिस की मंशा किसी को क्षति पहुंचाना नहीं था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










