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वसंत पंचमी महोत्सव पर हुआ नाट्य मंचन का आयोजन, कलाकारों ने दिखायी प्रतिभा

Updated at : 23 Jan 2026 7:21 PM (IST)
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वसंत पंचमी महोत्सव पर हुआ नाट्य मंचन का आयोजन, कलाकारों ने दिखायी प्रतिभा

वसंत पंचमी महोत्सव पर हुआ नाट्य मंचन का आयोजन, कलाकारों ने दिखायी प्रतिभा

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मधेपुरा.

वसंत पंचमी महोत्सव के अवसर पर गुरुवार की देर शाम कला व संस्कृति विभाग बिहार पटना व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान जिला मुख्यालय स्थित कला भवन में नाट्य मंचन का आयोजन किया गया, जिसमें सरकारी व निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं समेत अन्य संस्थानों के युवाओं ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया. नाट्य मंचन का आयोजन बीते 10 जनवरी से जिला मुख्यालय स्थित बीएन मंडल स्टेडियम के मुख्य भवन में आयोजित 12 दिवसीय नाट्य कार्यशाला में प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं व युवाओं के द्वारा किया गया.

जिला प्रशासन भविष्य में भी सांस्कृतिक आयोजनों को करता रहेगा प्रोत्साहितकार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी अभिषेक रंजन, एडीएम अरुण कुमार सिंह, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमन कुमार सुमन, एनडीसी संतोष कुमार व जिला कला व संस्कृति पदाधिकारी आम्रपाली कुमारी ने किया. मौके पर पर उपस्थित अधिकारियों ने नाट्य कार्यशाला व मंचन की सराहना की. डीएम ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों व युवाओं की छिपी प्रतिभा को सामने लाने का अच्छा माध्यम है. इससे न केवल सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, बल्कि छात्रों व युवाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ता है. जिला प्रशासन भविष्य में भी इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित करता रहेगा, ताकि स्थानीय कलाकारों को मंच मिल सके. कार्यक्रम के अंत में कलाकारों के अभिनय की दर्शकों ने तालियां बजाकर प्रशंसा की.

दो नाटक के दौरान मंच पर एक साथ नजर आये 80 प्रतिभागीकार्यशाला में प्रशिक्षत प्रतिभागियों द्वारा नाटक व माइम की प्रस्तुति दी. नाट्य मंचन के दौरान दर्शक 12 दिनों में नाट्य व संगीत प्रशिक्षकों द्वारा तराशे गये कलाकारों के हुनर व प्रस्तुति देखकर भावविभोर हो गये. इसके अलावा नाट्य से संबंधित विषयों पर कुछ संगीत की भी प्रस्तुति दी गयी. दो नाटक के दौरान मंच पर लगभग 80 प्रतिभागी एक साथ नजर आये. कार्यक्रम में दो माइम (मूक अभिनय) की प्रस्तुति दी गयी. पहली माइम की प्रस्तुति ने जहां पर्यावरण संरक्षण बल दिया. वहीं दूसरी प्रस्तुति ने मातृत्व को दर्शकों के समक्ष रखा.

माडर्न होने के नाम पर अपनी सभ्यता संस्कृति से दूर होते जा रहे लोगप्रतिभागियों ने कलयुग की रामलीला नाटक का मंचन किया, जिसमें कलाकारों ने दिखाया कि आज माडर्न होने के नाम पर लोग किस तरह से अपनी सभ्यता संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं और पश्चिमी सभ्यता संस्कृति को अपना रहे हैं. सभी प्रतिभागियों ने अपनी अभिनय कौशल का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोहित कर लिया. मौके पर उपस्थित अधिकारियों व दर्शकों ने प्रतिभागियों के अभिनय व नाट्य के विषयों की सराहना की, जबकि दर्शकों ने जिला प्रशासन के इस कार्यक्रम को भविष्य के लिए अच्छा पहल बताया. उन्होंने कहा कि यह आयोजन जिले की सांस्कृतिक गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है.

एनएसडी सिक्किम के पूर्ववर्ती छात्र कुमार सुमित द्वारा दिया गया था प्रशिक्षणप्रतिभागियों के मुख्य प्रशिक्षक के रूप में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) सिक्किम के पूर्ववर्ती छात्र व ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा से नाट्यशास्त्र से स्नातकोत्तर कुमार सुमित व स्थानीय प्रशिक्षक सुनीत साना, अमित कुमार अंशु, मिथुन कुमार गुप्ता व अमित आनंद द्वारा सभी बच्चों को प्रशिक्षित किया गया था, जबकि नाट्य कार्यशाला के दौरान गायन का प्रशिक्षण डॉ सुरेश कुमार शशि व कुमार लाल दास द्वारा दिया गया. मंच संचालन युवा साहित्यकार डा. हर्षवर्धन सिंह राठौड़ ने किया. कार्यक्रम के अंत में एडीएम अरुण कुमार सिंह द्वारा सभी प्रशिक्षकों को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह देखकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन जिला व सांस्कृतिक प्राधिकारी आम्रपाली कुमारी ने किया. मौके पर संचालन समिति की सदस्य शिक्षिका रंजना कुमारी, सुभाष चंद्र, विकास कुमार, संगीत शिक्षिका रागिनी कुमारी, कुमारी विनीता भारती, विभागीय कर्मी अवधेश कुमार आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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