मधेपुरा नगर परिषद के दावों की खुली पोल, वार्ड 13 में सड़क पर जमा है पानी

मधेपुरा नगर परिषद के दावों की खुली पोल, वार्ड 13 में सड़क पर जमा है पानी
मधेपुरा. मधेपुरा नगर परिषद, जो शहर के लाखों लोगों को सुविधायें प्रदान करने के बड़े-बड़े दावे करता है, उसकी वास्तविकता वार्ड नंबर 13 में देखने को मिल रही है. यहां, शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक निजी स्कूल और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ परवेज के क्लिनिक के सामने, नालों व घरों का गंदा पानी जमा हो गया है, इससे छात्र-छात्राओं, मरीजों, उनके परिजनों व आमलोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. चिंताजनक बात यह है कि यह जलजमाव स्थल नगर परिषद कार्यालय से केवल पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है. स्थानीय वार्ड पार्षद भी शायद इस समस्या से अनभिज्ञ बने हुए हैं. इस लापरवाही का खामियाजा छात्रों व आमलोगों को भुगतना पड़ रहा है, जबकि मधेपुरा नगर परिषद के मुख्य पार्षद, कार्यपालक पदाधिकारी और संबंधित वार्ड पार्षद इस समस्या के प्रति उदासीन बने हुये हैं.
समस्या की गंभीरतावार्ड नंबर 13 में जलजमाव की समस्या न केवल छात्रों और मरीजों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर खतरा है. जमे हुये गंदे पानी में मच्छर और अन्य कीटाणु पनप रहे हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया व अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. इसके अतिरिक्त, इस क्षेत्र से गुजरने वाले लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ता है, जो उनके दैनिक जीवन को प्रभावित करता है.
स्थानीय लोगों ने की शिकायत
स्थानीय लोगों ने कई बार नगर परिषद के अधिकारियों व वार्ड पार्षद से इस समस्या के समाधान के लिए गुहार लगायी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है. लोगों का कहना है कि वे इस समस्या से लंबे समय से जूझ रहे हैं और उन्हें अब निराशा होने लगी है. उन्होंने नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं.
स्कूल व क्लिनिक पर प्रभाव
इस जलजमाव का सबसे अधिक प्रभाव स्कूल व क्लिनिक पर पड़ रहा है. स्कूल के छात्रों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें संक्रमण का खतरा रहता है. इसी तरह, क्लिनिक में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी इस गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.
नगर परिषद की उदासीनता से लोगों में आक्रोशनगर परिषद के अधिकारियों की उदासीनता से स्थानीय लोगों में आक्रोश है. उनका कहना है कि जब नगर परिषद कार्यालय से इतनी कम दूरी पर यह समस्या मौजूद है, तो अधिकारियों को इसकी जानकारी होनी चाहिये. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद केवल कागजी कार्रवाई में व्यस्त है और जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं कर रहा है.
स्थानीय लोगों के सावलों के घेरे में वार्ड पार्षदस्थानीय वार्ड पार्षद की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. लोगों का कहना है कि उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याओं के बारे में पता होना चाहिए और उन्हें नगर परिषद के अधिकारियों के साथ मिलकर इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए. हालांकि, इस मामले में, वार्ड पार्षद की निष्क्रियता ने लोगों को निराश किया है.
समाधान की है आवश्यकताइस समस्या का तत्काल समाधान आवश्यक है. नगर परिषद को इस जलजमाव को साफ करने और नालों की सफाई करने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिये. इसके अतिरिक्त, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी समस्याएं न हों. स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से मांग की है कि वे इस समस्या को गंभीरता से लें और इसका स्थायी समाधान करें.
.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




