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राजकीय श्रावणी मेला को लेकर प्रशासन तैयारी के अंतिम रूप देने में जुटे

Updated at : 03 Jul 2025 6:50 PM (IST)
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राजकीय श्रावणी मेला को लेकर प्रशासन तैयारी के अंतिम रूप देने में जुटे

राजकीय श्रावणी मेला को लेकर प्रशासन तैयारी के अंतिम रूप देने में जुटे

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सिंहेश्वर.

एक माह तक चलने वाला राजकीय श्रावणी मेला 11 जुलाई से शुरू होगा. इसको लेकर जिला प्रशासन, मंदिर न्यास समिति व स्थानीय प्रशासन ने तैयारी को अंतिम रूप देने में जुट चुके हैं. मंदिर परिसर व आसपास के इलाकों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गयी है. हर बिजली पोल पर एलईडी लाइट लगायी गयी है. धर्मशालाओं में पानी, बिजली और शौचालय की व्यवस्था की गयी है.सिंहेश्वर हर दिशा से आने वाली गाड़ियों से जुड़ा है. शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए सभी विभागों को निर्देश दिये गये हैं.

रविवार व सोमवार को वाहनों के प्रवेश पर रहेगी रोक

डीएसपी यातायात चेतनानंद झा ने बताया कि सावन के हर रविवार व सोमवार को बस, ट्रक, ऑटो व टोटो के प्रवेश पर रोक रहेगी. बस व ट्रक मालिकों से बात हो चुकी है. पिपरा, गम्हरिया और सहरसा की ओर से आने वाले बड़े वाहन फुलकाहा होकर चलेंगे. छोटे वाहन मधेपुरा से सतोखर होकर जायेंगे. लगभग 25 ड्रॉप गेट लगाये जा रहे हैं. हर प्वाइंट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा.

मंदिर की ओर से रहेगी पार्किंग की व्यवस्था

बाबा मंदिर की ओर से पार्किंग की व्यवस्था की गयी है. वाहन मालिक वहीं वाहन खड़ा कर मंदिर तक पहुंच सकेंगे. जल, शौचालय और विद्युत आपूर्ति के लिए पीएचइडी और विद्युत विभाग को समय रहते व्यवस्था पूरी करने का निर्देश दिया गया है. मंदिर परिसर को वाटरप्रूफ पंडाल से ढंका जा रहा है. श्रद्धालुओं को धूप और बारिश से बचाने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है.

चौसा के भटगामा से सिंहेश्वर धाम तक नौ जगहों पर बनेगा पंडाल

मंदिर के बाहरी परिसर में 160 गुणा 160 फीट यानी 25,600 स्क्वायर फीट का पंडाल बनाया जा रहा है. पूर्वी गेट की ओर 80 गुणा 50 फीट यानी 4,000 स्क्वायर फीट का पंडाल बनेगा. प्रतिमा सिंह धर्मशाला में एक सौ गुणा, एक सौ फीट यानी 10,000 स्क्वायर फीट का पंडाल तैयार हो रहा है. शिवगंगा पोखर पर 100 गुणा 40 फीट यानी 4,000 स्क्वायर फीट का पंडाल बनाया जा रहा है. सभी पंडाल वाटरप्रूफ होंगे. मेडिकल टीम के लिए भी अलग पंडाल बनाया जा रहा है. भागलपुर जिले के महादेवपुर घाट से आने वाले कांवरियों के लिए मधेपुरा जिले की सीमा पर चौसा के भटगामा से सिंहेश्वर धाम तक नौ जगहों पर 10 गुणा 15 फीट के पंडाल बनाए जा रहे हैं. इन पंडालों में कांवर स्टैंड, पेयजल और रोशनी की व्यवस्था रहेगी. श्रद्धालुओं के ठहरने की भी व्यवस्था की जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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