श्रीमद्भागवत कथा से होता है मानव जीवन का कल्याण : कथावाचक

Updated:
विज्ञापन
श्रीमद्भागवत कथा से होता है मानव जीवन का कल्याण : कथावाचक

श्रीमद्भागवत कथा से होता है मानव जीवन का कल्याण : कथावाचक

विज्ञापन

उदाकिशुनगंज. नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 10 फनहन गोठ बस्ती में मंगलवार से आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ शुरू हो गया. कथा के पहले दिन भागवत महत्व, भक्त चरित्र, सुंदर भजन प्रसंग पर प्रकाश डाला गया. वृंदावन धाम से पहुंचे कथावाचक पंडित आरती किशोरी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का अणुश्रवण से मनुष्य का जीवन सार्थक हो जाता है. उन्होंने कहा कि मनुष्य को वास्तविक जीवन का बोध होना चाहिए. जन्म लेने वाले मनुष्य अपने सद्कर्म को भूल जाते हैं. बाल्यावस्था से लेकर मृत्यु के क्षण तक क्षणिक सांसारिक गतिविधियों में ही लिप्त होकर लोग अमूल्य जीवन को नश्वर बना लेता है. श्रीमद्भागवत ऐसी कथा है, जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है. इसलिए जहां भी भागवत होती है. वहां अवश्य कथा सुनना चाहिए. इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक उर्जा से सशक्त हो जाता है. उन्होंने कहा श्रीकृष्ण का जन्म मनुष्य जीवन के उद्धार के लिए हुआ है. कंस ने उनके जन्म लेने को रोकने के लिए अथक प्रयास किए लेकिन सफल नहीं हो पाया. अंत मेंं अपने पापों का घड़ा भरने पर श्रीकृष्ण के हाथों मरकर मोक्ष की प्राप्ति की. कथावाचक ने कहा कि मनुष्य जीवन सबसे उत्तम माना जाता है. इसी योनी में भगवान भी जन्म लेना चाहते हैं, जिससे वे अपने आराध्य ईश्वर की भक्ति कर सके. श्रीकृष्ण ने भागवत गीता के माध्यम से बुराई व सदाचार के बीच अंतर बताया. ईश्वर को धन दौलत व यज्ञों से कोई सरोकार नहीं है. वह तो केवल स्वच्छ मन से की गई आराधना के अधीन होता है. भगवान जात, पात व धर्म नहीं जानते. वह तो भक्ति मात्र के प्रेम को जानते हैं. कथावाचक पंडित आरती किशोरी ने हर प्रकार के युगों से श्रद्धालुओं को अवगत कराया. समय-समय पर भगवान को भी अपने भक्त की भक्ति के आगे झुककर सहायता के लिए आना पड़ा है. मित्रता, सदाचार, गुण, अवगुण, द्वेष सभी प्रकार के भावों को व्यक्त किया है. जब तक हम किसी चीज के महत्व को नहीं जानते तब तक उसके प्रति मन में श्रद्धा नहीं जगती. कहा कि जब तक भक्तों का मन पवित्र नहीं होगा तब तक भागवत कथा श्रवण का लाभ नहीं मिल सकता. कथा के बीच – बीच में भजन संगीत से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होते रहे. संध्या बेला की आरती बाद पहले दिन का कथा संपन्न हुआ. इस मौके पर आयोजन समिति के विजय प्रसाद सिंह,कृष्ण कुमार सिंह, रामबालक सिंह, भीमशंकर पासवान, शिवनंदन यादव ,रामानंद यादव, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि कुंदन पासवान, अमर आशीष, गौरव कुमार आदि मौजूद थे.

विज्ञापन
कुमार आशीष

लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन