मनुष्य एक-दूसरे का कद्र करना भूल गये हैं : साध्वी मालती

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मनुष्य एक-दूसरे का कद्र करना भूल गये हैं : साध्वी मालती

मनुष्य एक-दूसरे का कद्र करना भूल गये हैं : साध्वी मालती

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उदाकिशुनगंज. उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बाराही आनंदपुरा पंचायत के बिषहरी स्थान में दो दिवसीय वार्षिक यज्ञाधिवेशन में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. यज्ञ में उत्तर प्रदेश के झांसी से आयी मालती मानस ने भजन व प्रवचन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. वहीं उन्होंने रामचरितमानस मानस की गाथा को हर द्वार फैलाने की अपील की. ताकि भारत की एकता व अखंडता बरकरार रह सके. उन्होंने राम-सीता बनवास के उपदेश को चरितार्थ करते हुए समाज के अंदर फैलने वाली विषमता को दूर करने की गुर बतायी. लक्ष्मण जैसे भाई,सीता जैसी माता, हनुमान जैसे भक्त का उपदेश देते हुए कहा कि आज हमारे समाज के अंदर वैचारिकता समाप्त हो गयी है. मनुष्य एक-दूसरे का कद्र करना भूल गये हैं. आधुनिकता की इस दौर में लोग अपने मां-बाप की सेवा करना भूल गये हैं. उन्होंने कहा कि लोगों में आजकल अंध भक्ति में ज्यादा विश्वास हो गया है. सच्ची भक्ति मां बाप की सेवा ही है. जो अपने माता-पिता की सेवा नहीं करते हैं उनका जीवन नरक समान है. सत्संग को सफल को लेकर छत्री यादव, नंदन कुमार, कुंदन कुमार, बबलू यादव, पूर्व उपप्रमुख धीरेंद्र यादव आदि सक्रिय थे.

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कुमार आशीष

लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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