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न्यूनतम जरूरत में जीने की कला अर्थशास्त्र ही सिखाता है-प्रधानाचार्य

Updated at : 07 Jun 2024 9:54 PM (IST)
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न्यूनतम जरूरत में जीने की कला अर्थशास्त्र ही सिखाता है-प्रधानाचार्य

न्यूनतम जरूरत में जीने की कला अर्थशास्त्र ही सिखाता है-प्रधानाचार्य

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पुरैनी. यूवीके कॉलेज कड़ामा में समर इंटर्नशिप कैंप के छठे दिन अर्थशास्त्र विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो किशोर कुमार पाठक ने की. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य डॉ माधवेंद्र झा, इंजीनियर डॉ सिप्पू कुमार, प्रो नागेश्वर झा, डॉ चंद्रशेखर मिश्रा आदि मौजूद थे. प्रधानाचार्य ने बताया कि अर्थशास्त्र हमें अपने मानव जीवन में काफी कुछ सीखाता है. न्यूनतम जरूरत में जीने की कला भी हमें अर्थशास्त्र ही सिखाता है. अर्थशास्त्र विभाग के विभाग अध्यक्ष किशोर कुमार पाठक ने अर्थशास्त्र विषय में मार्शल, मार्क्स, एडम स्मिथ सहित कई अन्य विद्वानों पर चर्चा की. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अर्थशास्त्र को धन का विज्ञान भी कहा जाता है. अर्थशास्त्र तीन भागों में बांटा गया है पूरे विश्व में जिसमें समाजवादी, पूंजीवादी और मिश्रित अर्थशास्त्र समाहित है. प्रो नागेश्वर झा ने कहा कि विद्यार्थी का जीवन शिष्टाचार और समय के अनुपालन को पूर्ण करने वाला हो वह निरंतर अभ्यास करता रहे तो भाग्योदय अवश्य होगा. मौके पर प्रो शिवेंद्र आचार्य, डॉ शेखर झा, प्रो श्यामल किशोर जायसवाल, प्रो प्रकाश मिश्रा, प्रो कुमार राजीव रमन, प्रो विजेंदर झा, प्रो ओम प्रकाश यादव, प्रो कुमार चंद्रशेखर, प्रो दिलीप कुमार, प्रो विनोद शंकर आदि मौजूद थे.

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