मधेपुरा में मां की डांट से नाराज होकर घर से भागा था मासूम, तीन दिन बाद सिंहेश्वर मंदिर परिसर में मिला

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परिजनों के साथ बच्चा  | Prabhat Khabar Network

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Madhepura News: सिंहेश्वर स्थित प्रसिद्ध मंदिर परिसर में तीन दिनों से लापता एक मासूम के सकुशल मिलने से उसके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. संस्था और मंदिर प्रशासन की सक्रियता के कारण बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया.

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Madhepura News: मधेपुरा के प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर परिसर से एक सुकून देने वाली खबर सामने आई है. तीन दिनों से लापता एक मासूम सुरक्षित मिल गया और उसे उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया. बताया जा रहा है कि बच्चा मां की डांट और पिटाई के डर से घर छोड़कर निकल गया था. मंदिर प्रशासन और सामाजिक संस्था की सक्रियता ने न केवल बच्चे को सुरक्षित रखा, बल्कि उसके परिवार तक पहुंचाकर एक बिछड़े बेटे को फिर से अपनों से मिला दिया.

तीन दिनों से लापता था जोगबनी का मासूम

मधेपुरा के सिंहेश्वर स्थित प्रसिद्ध मंदिर परिसर में तीन दिनों से लापता एक बच्चे के मिलने से उसके परिवार में खुशी लौट आई.

मासूम की पहचान जोगबनी वार्ड संख्या-13 निवासी उमेश यादव के पुत्र राणा कुमार के रूप में हुई है. परिजन पिछले दो-तीन दिनों से उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था.

मंदिर परिसर में अकेला घूमता मिला बच्चा

जानकारी के अनुसार, सिंहेश्वर मंदिर परिसर में मंदिर के पुजारी दीपक ठाकुर और कर्मचारियों की नजर एक अकेले घूम रहे बच्चे पर पड़ी.

बच्चा घबराया हुआ था. जब उससे नाम और घर का पता पूछा गया तो वह स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बता सका. बच्चे की स्थिति को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया.

सामाजिक संस्था ने निभाई अहम भूमिका

मंदिर के पुजारी दीपक ठाकुर ने तुरंत श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के संस्थापक भास्कर कुमार निखिल को इसकी सूचना दी.

सूचना मिलते ही निखिल मंदिर परिसर पहुंचे और बच्चे से धैर्यपूर्वक बातचीत की. काफी देर तक आत्मीयता से समझाने के बाद बच्चे ने अपना नाम और घर का पता बताया.

पूछताछ में उसने बताया कि वह मां की डांट और पिटाई के डर से घर छोड़कर चला आया था.

परिजनों से संपर्क कर कराया गया मिलन

बच्चे की पहचान होने के बाद श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के सदस्यों ने उसे अपने संरक्षण में रखा.

इस दौरान उसके भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों का भी ध्यान रखा गया. साथ ही परिजनों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास शुरू किया गया.

काफी प्रयासों के बाद परिवार से संपर्क हो गया. सूचना मिलने पर बच्चे के परिजन सिंहेश्वर पहुंचे, जहां आवश्यक प्रक्रिया के बाद राणा कुमार को सकुशल उनके हवाले कर दिया गया.

Madhepura News: सतर्कता और संवेदनशीलता से टला बड़ा हादसा

स्थानीय लोगों ने मंदिर प्रशासन और सामाजिक संस्था की सक्रियता की सराहना की. उनका कहना है कि समय रहते बच्चे को सुरक्षित संरक्षण मिल गया, जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका टल गई.

यह घटना इस बात का भी संदेश देती है कि यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई बच्चा अकेला या परेशान दिखाई दे, तो तत्काल संबंधित प्रशासन या जिम्मेदार लोगों को सूचना देनी चाहिए. समय पर की गई ऐसी पहल किसी परिवार की खुशियां लौटाने का कारण बन सकती है.

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सुशांत कुमार

लेखक के बारे में

By सुशांत कुमार

सुशांत कुमार प्रिंट माध्यम में 10 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सिंहेश्वर (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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