बीस सूत्री बैठक- स्वास्थ्य एवं बिजली का छाया रहा मुद्दा
Updated at : 15 Feb 2026 6:15 PM (IST)
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फुलौत, अरजपुर एवं कलासन के उपस्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति पर भी चर्चा की गयी.
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अधिकारियों की अनुपस्थिति पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने जताई चिंता-
प्रतिनिधि
चौसा
प्रखंड के सभागार में बीस सूत्री की बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष मनोज प्रसाद मंडल ने किया. विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव सहित कृषि, बाल विकास परियोजना, शिक्षा, स्वास्थ्य, जीविका, मनरेगा, बिजली एवं श्रम विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे. हालांकि कई विभागों के अधिकारी अनुपस्थित भी थे. बैठक में विभिन्न विभागों पर विस्तृत चर्चा हुई एवं अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये. बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाये गये. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सात डॉक्टरों में से केवल पांच ही कार्यरत हैं. उपस्वास्थ्य केंद्रों में भी डॉक्टरों की कर्मी का मुद्दा सामने आया. बीस सूत्री उपाध्यक्ष सुबोध सिंह ने लौआलगान उपस्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया. वहीं सदस्य फरीद आलम ने चंदा उपस्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की गैर-मौजूदगी एवं एएनएम के अनियमित समय (सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक) पर चिंता व्यक्त की. इस पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ज्ञान रंजन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक उपस्थित रहना अनिवार्य है. फुलौत, अरजपुर एवं कलासन के उपस्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति पर भी चर्चा की गयी. बीस सूत्री अध्यक्ष मनोज प्रसाद मंडल ने चौसा के उन सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया जो अन्य जगहों पर प्रभार में हैं, वे अपने कर्मचारियों को बैठक में उपस्थित करवाएं. उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से मरीजों को रेफर करने के तरीके पर भी सवाल उठाये. मंडल ने कहा कि अस्पताल में अच्छे डॉक्टर होने एवं एम्बुलेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद डिलेवरी के मामलों में मरीजों को तुरंत रेफर कर दिया जाता है. मनोज प्रसाद ने आशा कार्यकर्ताओं द्वारा डिलीवरी के लिए चार से दस हजार रुपये तक लेने पर भी नाराजगी जतायी. उन्होंने पिछली बैठक में भी इस मुद्दे को उठाने का जिक्र किया. उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों से बाहर मेडिकल स्टोर से दवाइयां मंगवाई जाती हैं एवं अधिकारियों द्वारा यह कहा जाता है कि अस्पताल की दवाइयां अच्छी नहीं है. मनोज प्रसाद ने चिकित्सा पदाधिकारी को अंतिम चैतावनी देते हुये कहा कि इन अनियमित्ताओं के लिये वे स्वयं जिम्मेदार होंगे. मौके पर बीस सूत्री अध्यक्ष मनोज प्रसाद मंडल, बीस सूत्री उपाध्यक्ष सुबोध सिंह, प्रमुख रानी भारती, प्रखंड विकास पदाधिकारी सरीना आजाद, अंचलाधिकारी उद्यकांत मिश्र, बीस सूत्री सदस्य कुंदन कुमार बंटी, फरीद आलम, कौशल यादव,राणा प्रताप, अमित कुमार झा, मिथिलेश कुमार, मुखिया प्रतिनिधि संजय यादव,चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ज्ञान रंजन, प्रखंड कृषि पदाधिकारी कोमल भारती, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय कुमार, जीविका बीपीएम चंद्रमोहन पासवान, बिजली जेई राजीव रंजन, श्रम विभाग पदाधिकारी प्रवीण प्रसाद, फुलौत थानाध्यक्ष वरुण कुमार, चौसा थाना के एएसआई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
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