मधेपुरा में आठ महीने से नहीं हुई नगर परिषद में बोर्ड बैठक, विकास कार्य ठप होने का आरोप

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 15 May 2026 3:10 PM

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पूर्व पार्षद कुमारी विनीता भारती ने नगर परिषद मधेपुरा में पिछले आठ महीने से बोर्ड बैठक नहीं होने पर सवाल उठाए

Madhepura News: मधेपुरा नगर परिषद में विकास कार्यों के ठप पड़ने और प्रशासनिक अव्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है. पूर्व पार्षद कुमारी विनीता भारती ने मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है.

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Madhepura News: कुमार आशीष,मधेपुरा. पूर्व पार्षद कुमारी विनीता भारती ने नगर परिषद मधेपुरा में पिछले आठ महीने से बोर्ड बैठक नहीं होने पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिलाधिकारी और कोशी प्रमंडल के आयुक्त को आवेदन देकर मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका आरोप है कि बैठक नहीं होने के कारण शहर के कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

आठ महीने से नहीं हुई बोर्ड बैठक

विनीता भारती ने कहा कि बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के अनुसार हर महीने सामान्य बोर्ड बैठक आयोजित करना अनिवार्य है. इसके बावजूद पिछले आठ महीनों से न तो सामान्य बोर्ड की बैठक हुई और न ही सशक्त समिति की बैठक आयोजित की गई.

उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है.

बजट पास नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित

पूर्व पार्षद ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 15 मार्च तक पारित होना था, लेकिन अब तक बजट पास नहीं किया गया है.

उनका कहना है कि बजट पारित नहीं होने के कारण सड़क निर्माण, नाला सफाई, जलजमाव मुक्ति और कचरा प्रबंधन जैसे जरूरी विकास कार्य ठप पड़े हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना बोर्ड की मंजूरी के कई कार्य कराए जा रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है.

कार्यपालक पदाधिकारी पर गंभीर आरोप

विनीता भारती ने कार्यपालक पदाधिकारी पर बैठकों की कार्यवाही जानबूझकर सार्वजनिक नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत बैठक की कार्यवाही सुरक्षित रखना और समय पर सार्वजनिक करना कार्यपालक पदाधिकारी की जिम्मेदारी है.

उन्होंने मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी की मिलीभगत से नगर परिषद में वित्तीय अराजकता फैलने का आरोप भी लगाया.

मुख्यमंत्री तक ले जाएंगी मामला

पूर्व पार्षद ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह मुख्यमंत्री के जनता दरबार, नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव और नगर विकास मंत्री से मिलकर मामले में हस्तक्षेप की मांग करेंगी.

उन्होंने धारा 421 के तहत विशेष बैठक बुलाकर बजट पारित कराने, धारा 25(3) के तहत मुख्य पार्षद को कारण बताओ नोटिस जारी करने और कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने की मांग की है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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