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मानवाधिकार मूलभूत अधिकार है- प्रधानाचार्य

Updated at : 10 Dec 2025 6:30 PM (IST)
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मानवाधिकार मूलभूत अधिकार है- प्रधानाचार्य

मानवाधिकार मूलभूत अधिकार है- प्रधानाचार्य

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मधेपुरा. ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में विश्व मानवाधिकार दिवस पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो कैलाश प्रसाद यादव ने की. प्रधानाचार्य ने कहा कि मानवाधिकार मूलभूत अधिकार हैं. यह हर व्यक्ति को जन्म से प्राप्त होते हैं. इनका उद्देश्य मानव की गरिमा, स्वतंत्रता व समानता की रक्षा करना है. उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 10 दिसंबर, 1948 को मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा जारी किया गया है. यह दिन मानवाधिकारों के संरक्षण और न्यायपूर्ण व समावेशी दुनिया के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. कार्यक्रम समन्वयक डॉ सुधांशु शेखर ने कहा कि आज मानवाधिकार का दायरा व्यापक हो गया है. इसके अंतर्गत सभी मानवों को समान हक-अधिकारों के साथ-साथ समान शिक्षा व स्वच्छ पर्यावरण की बातें भी शामिल हैं. इस अवसर पर शिक्षक असीम आनंद, कर्मचारी रणवीर कुमार, राजदीप, अशोक मुखिया, विभूति रंजन, भूपेश कुमार, सावन कुमार, आरती कुमारी, सौरभ कुमार चौहान आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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