ePaper

गर्मी की धमक के साथ अगलगी की घटनाएं हो जाती है तेज, बरतें सावधानी

Updated at : 07 Apr 2025 6:08 PM (IST)
विज्ञापन
गर्मी की धमक के साथ अगलगी की घटनाएं हो जाती है तेज, बरतें सावधानी

गर्मी की धमक के साथ अगलगी की घटनाएं हो जाती है तेज, बरतें सावधानी

विज्ञापन

मधेपुरा. गर्मी की धमक के साथ अगलगी की घटनाएं तेज हो जाती है. पछुआ हवा से होने वाली अग्निकांड की घटनाओं बढ़ जाती है. गर्मी के मौसम को देखते हुए अग्निशमन सेवा की पूरी तैयारी कर लेने का भी निर्देश जारी रहता है. अग्निशमन के अधिकारियों के द्वारा बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर अग्निकांड की घटनाएं लापरवाही से होती है. वही ग्रामीण क्षेत्रों में अपने-अपने गांव मोहल्ले की सारी झुग्गी-झोपड़ियों को मिट्टी का लेप लगाकर फायर प्रूफ बना लिया जाय. अग्निशमन पदाधिकारी भगवान पासवान ने बताया कि हवा बहने के समय भूलकर भी आग न जलाए, खेत में अवशेष मत जलाए. जलती हुई माचिस की तिल्ली व सिगरेट-बीड़ी के टुकड़े को यत्र-तत्र नहीं फेंके व दो झोपड़ियों को सटाकर न बनाएं. अग्नि सुरक्षा बिंदु जन-जन तक पहुंचाने व अग्निकांड से होने वाली क्षति से किसी व्यक्ति की जान भी जा सकती है. उन्होंने बताया कि उनकी टीम द्वारा गैस सिलेंडर में आग रोकने के लिए डेमो दिखाकर बचाव के विभिन्न तरीके समय समय पर बताए जाते है. अग्नि सुरक्षा बिंदुओं को समझाया जाता है. जिला अग्निशमन पदाधिकारी भगवान पासवान ने कहा कि पछुआ हवा चलने के पहले सुबह नौ बजे तक व शाम को छह बजे तक निश्चित रूप से खाना बनाना प्रारंभ करें. खाना बनाते समय समीप में एक बाल्टी पानी जरूर रखें. उन्होंने जीविका दीदियों को वाद-संवाद के जरिए अग्नि सुरक्षा बिंदुओं को अपने गांव मोहल्ले व जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया. मवेशियों को आग से बचाने के लिए मवेशी घर के पास पर्याप्त मात्रा में पानी का इंतजाम रखें व उनकी निगरानी अवश्य करते रहें. गर्मी के दिनों में दिन में तेज व गर्म हवाएं चलती हैं. इसलिए जहां तक संभव हो गर्मियों में दिन का खाना नौ बजे सुबह से पूर्व बना लें तथा रात का खाना शाम छह बजे के बाद बनाये. लालटेन, मोमबत्ती को ऐसी जगहों पर न रखें जहां से गिरकर आग लगने की संभावना हो. फसल काटने के बाद खेत में छोड़े डंठलों में आग न लगाएं. भोजन बनाने का कार्य तेज हवा के समय न करें. जलती हुई माचिस की तीली व अधजली बीड़ी व सिगरेट पीकर इधर-उधर न फेंके. खाना बनाते समय ढीले-ढाले और पॉलिस्टर के कपड़े न पहनें. हमेशा सूती कपड़े पहनकर ही खाना बनाएं. सार्वजनिक स्थानों, ट्रेनों व बसों आदि में ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चलें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Kumar Ashish

लेखक के बारे में

By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन