नियोजित शिक्षकों को सहायक शिक्षक का दर्जा दे सरकार

Updated at : 08 Sep 2024 9:29 PM (IST)
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नियोजित शिक्षकों को सहायक शिक्षक का दर्जा दे सरकार

बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की प्रमंडल स्तरीय बैठक वेदव्यास महाविद्यालय मधेपुरा में सहरसा जिलाध्यक्ष निरंजन कुमार के अध्यक्षता में आयोजित की गयी. इसका संचालन भुवन कुमार जिलाध्यक्ष ने किया.

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मधेपुरा. बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की प्रमंडल स्तरीय बैठक वेदव्यास महाविद्यालय मधेपुरा में सहरसा जिलाध्यक्ष निरंजन कुमार के अध्यक्षता में आयोजित की गयी. इसका संचालन भुवन कुमार जिलाध्यक्ष ने किया. बैठक में मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल के सभी संघीय पदाधिकारी व प्रतिनिधि भाग लिये. बैठक को संबोधित करते हुये संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के साथ सौतेला पूर्ण व्यवहार कर रही है. खासकर नियोजित शिक्षकों के प्रति हर समय उपेक्षित रवैया अपनाते रहे हैं. जबकि दो दशक से सरकारी विद्यालय का संचालन नियोजित शिक्षक सफलतापूर्वक कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षक नियोजन नियमावली में 12 वर्ष पर कालबद्ध प्रोन्नति, आठ वर्ष पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति एवं पांच वर्ष की सेवा पर प्रधानाध्यापक में प्रोन्नति का प्रावधान होने के बावजूद भी शिक्षा विभाग शिक्षकों को उस लाभ से वंचित रखे हुए हैं. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा विभाग दिन प्रतिदिन शिक्षकों को तंग तबाह करने के लिए नये-नये प्रयोग करते रहे हैं. जिसका उदाहरण है ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना. श्री पप्पू ने स्पष्ट कहा कि सरकार एवं शिक्षा विभाग के तुगलकी फरमान से शिक्षक अब ऊब चुके हैं. समस्याओं का समाधान होने के बजाय नई समस्या उत्पन्न की जाती है. अब किसी भी सूरत में सरकार की ऐसे अनुचित निर्णय मान्य नहीं होगा. उन्होंने यह भी कहा कि नियोजित शिक्षकों को विद्यालय प्रभार के मामले में वंचित रखने का पत्र सरकार की सोची समझी साजिश है. जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि शिक्षकों के सामने संघर्ष के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा है. क्योंकि सरकार और शिक्षा विभाग तानाशाह रवैया अपनी हुई है. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सक्षमता परीक्षा में भाग नहीं लेने वाले नियोजित शिक्षकों को बिना शर्त सहायक शिक्षक का दर्जा देने, नियोजित शिक्षकों को प्रोन्नति का लाभ देने ,ऐच्छिक स्थानांतरण का लाभ देने ,सेवा निरंतरता का लाभ देने, ऑनलाइन उपस्थिति पर रोक लगाने ,नियोजित शिक्षकों को विद्यालय प्रभार सेवा आधारित वरीयता के आधार पर देने , प्रशिक्षण अनुत्तीर्ण शिक्षकों की पुरक परीक्षा का आयोजित करने, विद्यालय का समय संचालन 10 बजे से 3 बजे करने, वार्षिक अवकाश तालिका पूर्व की भांति रखने समेत अन्य प्रमुख मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की शंखनाद की जायेगी. बैठक को मुख्य रूप से प्रमंडल उपाध्यक्ष रामविलास कुमार, सुपौल जिलाध्यक्ष पंकज कुमार जायसवाल, जयकुमार ज्वाला, कुंजबिहारी सिंह, विनोद कुमार राम, मो इकवाल, मो रहमान, अमर सहनी, खुर्शीद आलम, प्रवीण कुमार, विनोद कुमार,बंधन पासवान, अरविंद कुमार, पाण्डव नारायण, सुधीर कुमार, अमरेन्द्र कुमार यादव, अभिमन्यु झा, रामकुमार, मुकेश कुमार,अजय आनंद, अशोक कुमार, विजय कुमार, विजय भगत, सुनील चौरसिया,संजय कुमार पुतुल, रितेश सिन्हा, संजय कुमार संजीव, मिथिलेश मालाकार,राम इकवाल, विनोद शर्मा, रंजीत कुमार, अरविंद सिंह, जयप्रकाश राम, कैलाश मंडल, श्याम चन्द्र पासवान, मनोज मिंटु, उमाकांत महतो, मो शोएव, बालकृष्ण कुमार,महेश कुमार, अविनाश कुमार, रणजीत रजक, कृष्ण कुमार सिंह, वेदानंद कुमार, रामचंद्र जी आदि ने संबोधित किया.

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