रमजान के तीसरे जुमे पर मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़

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रमजान के तीसरे जुमे पर मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़

रमजान के तीसरे जुमे पर मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़

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उदाकिशुनगंज. रमजानुल मुबारक महीने के तीसरे जुमे पर मस्जिदों में भीड़ जुटी. माह रमजान मुबारक के 20 रोजे पूरे हो गए. ईद के करीब आने के साथ ही अब रोजेदारों का उत्साह और बढ़ने लगा है. मस्जिदों में भी जुमे की नमाज के लिए तैयारी सुबह से ही शुरू हो गयी थीं. सिंगारपुर जामा मस्जिद के इमाम हजरत मौलाना व मुफ्ती मुजक्कीर हसन नदवी ने बताया कि मुकद्दस माहे रमजान के दो असरे पूरे होने को हैं. जिनमें पहला अशरा रहमत का, दूसरा असरा मगफिरत का आज अंतिम दिन है. शनिवार से तीसरा अशरा दोजख से निजात का शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी मुसलमानों को चाहिए कि वह भविष्य में नेक नियत और अच्छे आमाल के साथ जिंदगी गुजारें. किसी का हक ना मारे क्योंकि सारे आमालो का दारोमदार नियत पर है. नियत अच्छी होगी तो सभी काम और आमाल भी अच्छे ही होंगे. खुतबे के बाद इमाम ने नमाज पढ़ाई. नमाज के बाद मुल्क में अमन चैन की दुआ की गयी आज से शुरू होगा रमजान का तीसरा अशरारमजान का तीसरा और अंतिम अशरा शुक्रवार से ही मगरिब की नमाज के बाद शुरू हो गया. इस अशरे को जहन्नुम की आग से निजात दिलाने वाला कहा जाता है. इस अशरे में की गई इबादत के बदले अल्लाह अपने बंदों के गुनाहों को माफ कर उन्हें जहन्नुम की आग से निजात दे देता है. इसी अशरे की कोई एक रात शबे कद्र होती है. इस लिए लोग रात-रात भर जाग कर इबादत करते हैं. बताते हैं कि शबे कद्र की रात में की गई इबादत का सवाब एक हजार रातों की इबादत के बाराबर होता है. इस रात में मांगी गयी दुआओं को अल्लाह कुबूल फरमाता है.

रमजान में गरीबों की करनी चाहिए मदद

उदाकिशुनगंज .

पवित्र रमजान माह में चांद दिखने के बाद से ही कई मस्जिदों में विशेष तरावीह नमाज शुरू की गयी थी. जहां कुरान-ए-पाक के मुकम्मल होने का सिलसिला शुरू हो गया है. गुरुवार रात प्रखंड क्षेत्र के सिंगारपुर गांव स्थित जामा मस्जिद में कुरान-ए-पाक मुकम्मल हुआ. जामा मस्जिद के इमाम कारी मुजाक्किर हसन नदवी ने खत्म तरावीह नमाज के बाद सामूहिक दुआ करायी गयी. इसके अलावा प्रखंड क्षेत्र की कई मस्जिदों में तरावीह पढ़ाने का सिलसिला जारी है. मस्जिद के इमाम ने बताया कि 19वें रोजे पर गुरुवार रात 10 बजे तरावीह की नमाज संपन्न हुई. उन्होंने कहा कि रमजान में गरीबों की मदद करनी चाहिए. वही खत्म तरावीह के बाद मस्जिद कमेटी द्वारा हाफिज ए कुरान को नजराना देकर सम्मानित किया गया. मौके पर अब्दुल अहद,फैयाज आलम,सरवर मेंहदी, कियाम चौधरी,अब्दुल गनी,मो अनवारूल, ओबैदुल्लाह खालिद,मो चांद, मो सलाउद्दीन, एहतेशाम आलम, डॉ अख्तर आलम, डॉ मो इम्तियाज आलम, मो शादाब, मो आफताब आलम, मो सुलेमान नदाफ आदि मौजूद थे.

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कुमार आशीष

लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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