आंगनबाड़ी केंद्रों पर मनाया गया अन्नप्राशन दिवस

Edited by Shruti Kumari
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आँगनबाड़ी में अन्नप्राशन मनाती सेविका व बच्चों की मां

कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने माताओं को शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक किया. उन्होंने बताया कि जन्म के बाद शुरुआती छह माह तक मां का दूध ही शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार होता है.

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ग्वालपाड़ा, मधेपुरा से प्रतिनिधि की रिपोर्ट:

मधेपुरा: प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर मंगलवार को बाल विकास परियोजना के तत्वावधान में अन्नप्राशन दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस दौरान छह माह की आयु पूरी कर चुके बच्चों को पहली बार ठोस आहार के रूप में खीर खिलाकर सुपोषण की शुरुआत कराई गई.

कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने माताओं को शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक किया. उन्होंने बताया कि जन्म के बाद शुरुआती छह माह तक मां का दूध ही शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार होता है.

उन्होंने कहा कि छह माह की आयु पूरी होने के बाद बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए स्तनपान के साथ-साथ अर्धठोस एवं पौष्टिक पूरक आहार देना आवश्यक हो जाता है.

मौके पर माताओं को स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया गया. सेविकाओं ने बच्चों को भोजन कराने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोने, बर्तनों को साफ रखने तथा ताजा एवं सुपाच्य भोजन देने की सलाह दी, ताकि बच्चे कुपोषण एवं मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रह सकें.

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने बाल विकास परियोजना के इस प्रयास की सराहना की. इस अवसर पर कई केंद्रों पर पोषक क्षेत्र की महिलाएं, बच्चे एवं आंगनबाड़ी कर्मी मौजूद रहे.

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