नाट्यकर्मियों ने नाटक विषय को एसटीईटी में शामिल करने की मांग के लेकर सौंपा मांग पत्र

Updated at : 13 Mar 2026 7:48 PM (IST)
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नाट्यकर्मियों ने नाटक विषय को एसटीईटी में शामिल करने की मांग के लेकर सौंपा मांग पत्र

नाट्यकर्मियों ने नाटक विषय को एसटीईटी में शामिल करने की मांग के लेकर सौंपा मांग पत्र

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मधेपुरा. जिले के नाट्यकर्मियों ने नाटक विषय को एसटीईटी में शामिल करने की मांग को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी को मांग पत्र सौंपा. ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा से नाट्यशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त सुनीत साना, अमित आनंद, अमित कुमार अंशु समेत अन्य नाट्यकर्मियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व मंत्री विजय कुमार चौधरी के समक्ष मांगों को रखते हुये कहा कि वर्तमान में कला के विभिन्न विषयों को एसटीईटी में शामिल किया गया है, लेकिन नाटक विषय को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है, जो नाटक व रंगमंच के क्षेत्र में डिग्रीधारी युवाओं के साथ अन्याय है. नाट्यकर्मियों का कहना है कि नाटक विषय को एसटीइटी में शामिल करने से न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि स्कूलों में कला व संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा. इससे छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास संभव हो सकेगा और प्रदेश की शिक्षा प्रणाली भी समृद्ध होगी. नाट्यकर्मियों ने अपने मांग पत्र में कहा कि वह सभी मधेपुरा के रहने वाले हैं और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा से नाट्यशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है. वह आज तक सरकार के आशीर्वाद से अछूते हैं और उन्हें उम्मीद है कि उनकी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जायेगा. नाट्यकर्मियों का कहना है कि सरकार ने उन सभी विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति निकाली है, जिससे छात्र व अभिभावक दूर होते जा रहे थे, लेकिन नाट्यकर्मियों को अभी तक सरकार का आशीर्वाद प्राप्त नहीं हो सका है. उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार के आशीर्वाद की जरूरत है, ताकि उनकी स्थिति सुधर सके. नाट्यकर्मियों ने सरकार से अनुरोध किया है कि नाटक विषय को एसटीईटी में शामिल करने के लिये आवश्यक कदम उठाए जाएं, जिससे नाटक व रंगमंच के क्षेत्र में डिग्रीधारी युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सके.

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Kumar Ashish

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