पहले दिन दो घंटे विलंब से पहुंची जानकी एक्सप्रेस

Published at :24 Jun 2016 6:13 AM (IST)
विज्ञापन
पहले दिन दो घंटे विलंब से पहुंची जानकी एक्सप्रेस

बहुप्रतीक्षित ट्रेन जानकी एक्सप्रेस का गुरुवार से शुरू हुआ परिचालन मधेपुरा : बहुप्रतीक्षित ट्रेन जानकी एक्सप्रेस का परिचालन गुरुवार से शुरू हो गया. पहले ही दिन जानकी एक्सप्रेस मधेपुरा स्टेशन दो घंटे विलंब से पहुंची. सहरसा से ही ट्रेन देर से चली. ट्रेन जयनगर से चल कर सहरसा होते हुए मधेपुरा में निर्धारित समय 11 […]

विज्ञापन

बहुप्रतीक्षित ट्रेन जानकी एक्सप्रेस का गुरुवार से शुरू हुआ परिचालन

मधेपुरा : बहुप्रतीक्षित ट्रेन जानकी एक्सप्रेस का परिचालन गुरुवार से शुरू हो गया. पहले ही दिन जानकी एक्सप्रेस मधेपुरा स्टेशन दो घंटे विलंब से पहुंची. सहरसा से ही ट्रेन देर से चली. ट्रेन जयनगर से चल कर सहरसा होते हुए मधेपुरा में निर्धारित समय 11 बज कर 40 मिनट के बदले 02 बज कर 07 मिनट पर स्टेशन पर पहुंची. ट्रेन के कटिहार पहुंचने का समय 03 बज कर 30 मिनट है. यात्री निर्धारित समय से पहले ही स्टेशन पर पहुंच कर कटिहार का टिकट कटाते हुए रोमांचित महसूस कर रहे थे. हालांकि, इंतजार की घड़ियां काफी लंबी साबित हो रही थी. वहीं पहले ही दिन मधेपुरा स्टेशन पर जानकी एक्सप्रेस ने दो हजार रुपये की कमाई की. यात्रियों ने दो हजार रुपये के टिकट कटाये.
जेहन में बसी है जानकी
मधेपुरा के वार्ड संख्या 21 निवासी यात्री नरेश कुमार भगत ने बताया कि आज वह जानकी एक्सप्रेस से पूर्णिया जा रहे हैं, यह सोच कर ही रोमांचित हैं. इस ट्रेन से सफर करते हुए जवान हुए. अब फिर से यह ट्रेन मधेपुरा पहुंची है तो सोच कर ही बहुत अच्छा लग रहा है.
वहीं बनमनखी निवासी यात्री जनार्दन यादव ने बताया कि मधेपुरा और बनमनखी के बीच ट्रेन का परिचालन आठ साल तक बंद रहा. अब फिर से लंबे अर्से के बाद ट्रेन चलने से अच्छा लग रहा है. ट्रेन की यात्रा हर लिहाज से आरामदायक होती है. जानकी एक्सप्रेस तो लोगों की जहन में बसती है. लेकिन ट्रेन का विलंब से चलना थोड़ा अखर रहा है. बनमनखी यात्री दयानंद जायसवाल ने कहा कि आठ साल बाद ट्रेन चलना शुरू तो हुई है लेकिन ऐसे ही विलंब से चलती रही तो चिंता की बात है. यात्री शोभन कुमार ने कहा कि आठ साल बाद जानकी एक्सप्रेस को मधेपुरा स्टेशन पर देख रहा हूं. अच्छा लग रहा है. अवधेश चौधरी का कहना था कि कोसीवासियों का सपना पूरा हो गया लेकिन ट्रेन के साथ-साथ यात्री सुविधा भी होना चाहिए.
ट्रेन ले कर पहुंचे राजा राम : जानकी एक्सप्रेस पहुंची तो यात्री प्लेटफार्म पर ट्रेन की प्रतीक्षा में थे. वहीं कौतुहलवश भी कई लोग मधेपुरा स्टेशन पर मौजूद थे. जानकी एक्सप्रेस को सहरसा से कटिहार तक ले जाने की जिम्मेदारी चालक राजाराम पासवान और सहायक चालक विकास कुमार को दी गयी थी. सहरसा निवासी दोनों चालकों ने बताया कि उन्हें बहुत अच्छा लगा कि वे आठ साल बाद इस ट्रैक पर चल रही जानकी एक्सप्रेस को कटिहार तक ले जा रहे हैं. नयी पटरी का मुआयना भी करना है.
40 साल की कहानी है जानकी
दशकों पहले सरायगढ़ भपटियाही से निर्मली के बीच की रेलवे ट्रैक कोसी की विभीषिका की भेंट चढ़ गयी थी और मिथिलांचल के दो हिस्से हो गये थे. जानकी एक्सप्रेस कब से कटिहार से जयनगर के बीच चलना शुरू हुई इसकी आधिकारिक जानकारी तो नहीं मिल सकी लेकिन बुजुर्ग प्रमोद बिहारी बताते हैं कि कदाचित 1972 से जानकी एक्सप्रेस का परिचालन शुरू हुआ था. तब फारबिसगंज से कोसी एक्सप्रेस चल कर सहरसा पहुंचती थी और कटिहार से जानकी एक्सप्रेस सहरसा पहुंचती थी. इन दोनों ट्रेन को जोड़ कर बनती थी जानकी एक्सप्रेस.
सकरी स्टेशन पर कोसी अलग हो कर निर्मली स्टेशन पहुंचती थी. वहीं जानकी एक्सप्रेस मधुबनी होती हुई जयनगर तक जाती थी. वापसी में इसी क्रम को दोहराया जाता था. यह ट्रेन दोनों हिस्सों को एक करती थी. बाद में कोसी महासेतु सड़क पुल के निर्माण ने दोनों हिस्सों का एकीकरण कर दिया है. हालांकि इस बीच में रेलवे पुल की लोगों को अब भी प्रतीक्षा है. वर्ष 2008 में फिर से कोसी नदी ने बांध तोड़ा तो मधेपुरा से कटिहार ट्रेन परिचालन बंद हो गया. आठ साल बाद फिर से ट्रेन चलने से इन इलाकों में आवागमन के तार फिर से जुड़े हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन