बिहार : आठ साल के लंबे इंतजार का मीठा फल,मधेपुरा-कटिहार के बीच दौड़ी ट्रेन

Published at :23 Jun 2016 8:20 AM (IST)
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बिहार : आठ साल के लंबे इंतजार का मीठा फल,मधेपुरा-कटिहार के बीच दौड़ी ट्रेन

मधेपुरा : मधेपुरा रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं के नाम पर महज खानापूर्ति की स्थिति है. यह रेल खंड 2008 की कोसी त्रासदी में ध्वस्त हो गया था. उसके बाद अमान परिवर्तन के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया. लेकिन पिछले अप्रैल में ही रेलवे ने ट्रेक का परिक्षण कर ट्रेन परिचालन के लिए उपयुक्त होने की […]

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मधेपुरा : मधेपुरा रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं के नाम पर महज खानापूर्ति की स्थिति है. यह रेल खंड 2008 की कोसी त्रासदी में ध्वस्त हो गया था. उसके बाद अमान परिवर्तन के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया. लेकिन पिछले अप्रैल में ही रेलवे ने ट्रेक का परिक्षण कर ट्रेन परिचालन के लिए उपयुक्त होने की जानकारी दे दी. मधेपुरा रेलवे स्टेशन परिसर में साफ-सफाई का घोर अभाव है. रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा का घोर अभाव है पानी और शौचालय जैसे मूलभूत सुविधा के लिए यात्री इस स्टेशन पर मोहताज रहते हैं. प्लेटफॉर्म पर पेय जल की उपलब्धता के लिए दस नल लगाये हैं. लेकिन वर्तमान समय में सब का सब खराब होकर बेकार बना हुआ है.
आठ वर्षों के बाद मिली सौगात
मधेपुरा के इतिहास में 22 जून 2016 की तारीख स्वर्ण अक्षरों से लिखी जायेगी. वर्ष 2008 के 18 अगस्त को आई कुशहा त्रासदी के दौराना ध्वस्त हुए मधेपुरा पूर्णिया रेलखंड पर इस तारीख को रेल परिचालन प्रारंभ हो रहा है.ज्ञात हो कि 18 अगस्त को तटबंध तोड़ कर निकली कोसी ने विनाश लीला मचाते हुए इस रेलखंड को उजार कर रख दिया. वहीं अनगिनत जगहों पर सैकड़ों मीटर पटरी को उखाड़ कर फेंक दिया था. हालांकि उस समय केंद्र पर मधेपुरा के पूर्व सांसद लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे. जिस कारण स्थानीय लोगों के बीच इसरेलखंडके जल्द शुरू होने की उम्मीद बनी हुई थी. लेकिन वर्ष 2009 में हुए लोक सभा चुनाव के बाद तसवीर बदल गयी.
वेंडर के घर लौट आयी खुशियां
रेल परिचालन पुन: शुरू होने की खबर से मधेपुरा स्टेशन के वेडरों के बीच उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है. पूर्व ठीकेदार राजेश्वर प्रसाद सिन्हा के पुत्र बंटी सिन्हा ने बताया कि पहले एक सौ रुपये प्रति ठेला या खोमचा के दर से विभाग को भुगतान करना पड़ता था. वहीं अन्य वेंडर डब्लू मंडल, शंभु मंडल, प्रकाश मंडल आदि ने बताया कि अब रोजी रोटी चिंता दूर हो गयी है.
मुरलीगंज : मुरलीगंज के नगरवासियों ने जानकी ट्रेन के शुरू होने से कहीं खुंशी है तो कहीं गम. लोगों ने बड़े उत्साह के साथ रेल मंत्रालय के इस फैसले का स्वागत किया है. शहर के सभी वर्ग खास कर रेल सघर्ष कमेटी के संरक्षक व संयोजक विजय कुमार यादव ने कहा कि यह काफी हर्ष की बात कि जानकी एक्सप्रेस का ठहराव मुरलीगंज में हमेशा से ही था, पर अब अगर ठहराव नहीं दिया गया तो रेलवे की इस ज्यादती के लिए संघर्ष फिर शुरू करूंगा.
व्यवसायी बिनोद बाफना ने कहा कि रेलवे ने जो समय सारणी तय की है वह सिर्फ अपनी सुविधा को देख कर किया है. राजेश कुमार का कहना है यहां से जल्द से जल्द देश की राजधानी के लिए सीधी रेल सेवा प्रदान की जाय. डाॅ राजीव मल्लिक का कहना है कि यहां से हाटे बाजारे को गुजारने एवं ठहराव की व्यवस्था हो. उद्भव के संरक्षक व युवा राजद के प्रदेश महासचिव बाबा दिनेश मिश्रा ने कहा कि पूर्णिया जानकी एक्सप्रेस का खुलने का समय 01:30 बजे किया गया है जो अनुपयोगी है.चैंबर के अध्यक्ष ब्रह्मानंद जायसवाल ने कहा कि ट्रेन का न रुकना मजाक लग रहा है.
हेल्प लाइन के सचिव विकाश आनंद ने कहा कि जिस तरह पूर्व में जानकी की ठहराव होती थी, उसी तरह इसकी भी ठहराव हो. साथ ही राज्य रानी की परिचालन हो. डाॅ राजीव मल्लिक ने कहा इन सब के साथ हाटे बजार और देश की राजधानी से जोड़ने वाली ट्रेन चलनी चाहिए. समाज सेवी प्रणय साहा ने कहा कि दिन में कटिहार से सहरसा के बीच एक जोड़ी रेल का परिचालन जिससे लोगों को काफी सुविधा होगी.
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