उफ ये गरमी . जिले में एकाएक गरमी बढ़ने से लोगों की बढ़ी परेशानी

Published at :08 Apr 2016 2:40 AM (IST)
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उफ ये गरमी . जिले में एकाएक गरमी बढ़ने से लोगों की बढ़ी परेशानी

मौसम ने बदला मिजाज, बरतें सावधानी जिले में अप्रैल शुरू होते मौसम का मिजाज बदलने लगा है. बदलते मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. खासकर दोपहर के समय में सूर्य की गरमी बढने से लू की संभावना बढ गयी है. ऐसे मौसम में यदि सावधानी नहीं बरती गयी तो लोगों की स्वास्थ्य […]

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मौसम ने बदला मिजाज, बरतें सावधानी

जिले में अप्रैल शुरू होते मौसम का मिजाज बदलने लगा है. बदलते मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. खासकर दोपहर के समय में सूर्य की गरमी बढने से लू की संभावना बढ गयी है. ऐसे मौसम में यदि सावधानी नहीं बरती गयी तो लोगों की स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा.
वहीं मौसम के मिजाज बदलने से गरम भरी पछुवा हवा चलने लगी है इससे कृषि पर भी असर होगा. इस मौसम में खेतों में लगी गेहूं की फसल पकने को तैयार है. लेकिन तापमान बढने से मक्का के फसल को नुकसान हो सकता है.
मधेपुरा : अचानक से तापमान चढने से आंधी व पानी की संभावना बन रही है. इस समय यदि बारिश होती है तो खेत में लगी फसलों को काफी नुकसान होगा. गरमी में एकाएक बढोतरी और रात के समय में तापमान में गिरावट होने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है. वहीं मच्छरों के साथ मक्खियों का प्रकोप बढने से अनेक बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है. खासकर ऐसे समय में जरूरत है साफ – सफाई पर विशेष ध्यान देने की.
पछुआ हवा के कारण हमेशा धूल मिटटी वातावरण में फैला रहता है. ऐसे में खाने पीने की चीजों को ढक कर नहीं रखने से दस्त होने का खतरा बना रहता है. वहीं इस मौसम में आगलगी की संभावना ज्यादे बनी रहती है. वातावरण में नमी कम होने के कारण आग जल्द पकड़ता है, यदि सावधानी नहीं बरती जाये तो अगलगी की घटना घट सकती है.
जलवायु परिवर्तन से मौसम ने बदला मिजाज : कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक डा मिथलेश कुमार राय ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का मिजाज बदल रहा है. इस तरह का मौसम मई व जून महीनें में अक्सर देखा जाता है. लेकिन अप्रैल के पहले सप्ताह में ही मौसम का तापमान बढना आगे के लिए शुभ संकेत नहीं है. आगे लोगों को झुलसने वाली गरमी से रूबरू होना पड़ सकता है. अप्रैल माह के शुरू होते ही तापमान में वृद्धि से लू जैसी गरम हवा चलने लगी है जो मक्का फसल के लिए हानिकारक है. ऐसे मौसम में वातावरण में कार्बन मनोआक्साइड की मात्रा बढ जाती है जिससे अचानक कभी भी क्लाइमेट में बदलाव आ जाता है एकाएक काफी बारिश होती है. साथ ही तेज हवा चलने लगती है. मौसम के इस परिवर्तन से खेत में लगे फसलों को काफी नुकसान हो सकता है.
बढ़ते तापमान का मक्का के फसल पर पड़ेगा असर : कृषि समन्वयक मिथलेश क्रांति ने बताया कि मौसम में बदलाव व गरमी में बेहताशा वृद्वि के कारण मक्के की फसल अधिक असर पड़ सकता है. जिन खेंतों में मक्के की फसल में मोची निकलना शुरू हो गया है उन खेतों में बढते तापमान के कारण मक्के की फसल खराब हो सकती है. गरमी के कारण मक्के में बाली नहीं निकलेगा और इसके उपज में काफी कमी आयेगी. वहीं गेंहू के फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है. जिन खेतों में गेंहू पक कर तैयार है यदि इस मौसम में बुंदा बुंदी या तेज बारिश होती है तो फसल को काफी नुकसान पहुचेगा. गेंहू के दाने में सिकुरन आ जायेगी साथ ही दाने का अंकूरण प्रभाव कम हो जायेगा.
संभल कर पीयें व खायें
तापमान में वृद्धि के साथ शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है जिससे प्यास लगती है और हमेशा गले को तरोताजा करने का मन करता है. जिसके लिए ठंडा पानी व बाजार में उपलब्ध ठंडे पेयपद्धार्थ की और लोग आकर्षिक हो जाते है और इन पद्धार्थों का लोगों द्वारा सेवन किया जाता हैँ जो इस बेरूखी मौसम में स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है. बाजार में बढते गरमी के साथ ही पेय पद्धार्थों की बाढ आ गयी है.
जिसमें मुख्य रूप कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम, तरबुज, बेल, खीड़ा की डिमांड बढ गयी है. लेकिन बाजार में खुले आसमान के नीचे बिक रही कटे तरबूज व खीड़ा पर मक्खी भीनभीनाती रहती है जो बीमारी को दावत दे रहा है. वहीं बाजार में नकली कोल्ड ड्रिंक्स व आइसक्रीम की बिक्री होने से इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा.
क्या कहते हैं डॉक्टर : वरीय चिकित्सक डा अरूण कुमार मंडल ने बताया कि बढते तापमान के बीच अगर सावधानी नहीं बरती जाये तो कई तरह की बीमारियां जन्म ले सकती है. जिसमें डायरिया, डी हाईड्रेसन, दस्त, बुखार, चेचक, खसरा, लू की चपेट में लोग आ सकते है. ऐसे में जरूरी है कड़ी धूप में घर से न निकलने में सावधानी बरते. वहीं खान पान में ध्यान देने की जरूरत है, सबसे अहम है साफ सफाई में रहने की. यदि किसी भी बिमारी का शिकायत मिले तो तुंरत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में सलाह ले. पानी की कमी से बचने के लिए पानी का अधिक से अधिक सेवन करें. बाजार में बिक रहे पेय पदार्थ से परहेज करें और घर में ही नींबू पानी बेल शरबत का सेवन करें.
अवैध शराब बरामद
कुमारखंड : एसपी विकास कुमार के निर्देशानुसार श्रीनगर थाना क्षेत्र के रामनंगर महेश निवासी चंद्र किशोर मुखिया के घर के पीछे के खेत से 180 एमएल के बेगपेपर 48 बोतल बरामद किया गया. वहीं दूसरी ओर इसराइन गांव से विक्की सिंह दुकानदार की रखी शराब तारा देवी के घर एक सौ बोतल देशी, दस बोतल एटपीएम की शराब बरामद किया गया. इस दौरान कुमारखंड थानाध्यक्ष महेश रजक, श्रीनगर थाना प्रभारी पवन पासवान सहित पुलिस बल के साथ मौजूद थे.
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