सरकारी व निजी चिकित्सा सेवा ठप

Published at :29 Jan 2016 5:20 AM (IST)
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सरकारी व निजी चिकित्सा सेवा ठप

मधेपुरा : जिले के कुमारखंड प्रखंड स्थित रानीपट्टी अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक व पीएचसी प्रबंधक के साथ बेलारी ओपी के प्रभारी के साथ दुव्यर्वहार व मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मामले के विरोध में गुरुवार को सदर अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा सेवा ठप रही. घटना से […]

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मधेपुरा : जिले के कुमारखंड प्रखंड स्थित रानीपट्टी अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक व पीएचसी प्रबंधक के साथ बेलारी ओपी के प्रभारी के साथ दुव्यर्वहार व मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मामले के विरोध में गुरुवार को सदर अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा सेवा ठप रही.

घटना से गुस्साये स्वास्थ्यकर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. आइएमए, भासा, बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ, बिहार चिकित्सा व जन स्वास्थ्य कर्मी संघ सहित अन्य संगठनों की ओर से की गयी हड़ताल को निजी नर्सिंग होम संचालक व जिला पैथोलॉजी संघ ने भी अपना समर्थन दिया. सभी निजी नर्सिंग होम, जांच घर व एक्स-रे सेंटर को बंद रखने का निर्णय लिया गया है. हड़ताल पर डटे सभी संघ एक स्वर में आरोपी दारोगा कृत्यानंद पासवान की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. इस विरोध को जिला ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन ने भी नैतिक समर्थन दिया है.

जुलूस निकाल की नारेबाजी

इस मामले में संघ ने विरोध स्वरूप जुलूस भी निकाला व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. जुलूस समाहरणालय पहुंचा. यहां डाॅ अरुण कुमार मंडल के नेतृत्व में आइएमए व भासा का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला. इस वार्ता में एसपी भी शामिल थे. लेकिन, करीब 45 मिनट की यह वार्ता बेनतीजा रही. प्रतिनिधि मंडल ने आरोपी दारोगा की गिरफ्तारी की शर्त पर ही शेष पेज 15 पर

सरकारी व निजी…

हड़ताल समाप्त करने की बात कही. संघ ने पुलिस प्रशासन पर आरोपी दारोगा को बचाने के लिए कार्रवाई में लगातार शिथिलता बरतने का आरोप भी लगाया है. जिले में स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह ठप होने के कारण मरीजों में हाहाकार की स्थिति बनी रही. सैकड़ों मरीजों को लेकर परिजन सदर अस्पताल सहित निजी नर्सिंग होम का चक्कर काटते रहे. नर्सिंग होम के गेट पर लटक रहे तालों को देख कर परिजनों की परेशानी और बढ़ती गयी.

क्या है मामला

गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुमारखंड प्रखंड स्थित रानीपट्टी एपीएचसी में समय पर झंडोत्तोलन नहीं करने पर ग्रामीणों ने विरोध करते हुए सड़क जाम कर दिया था. इस दौरान झंडोत्तोलन के लिए पहुंचे डाॅ श्रवण कुमार व प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अनिश कुमार को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था. पीड़ित चिकित्सक का आरोप है कि इस दौरान वहां पहुंचे बेलारी ओपी अध्यक्ष ने लाठी-डंडे से मारपीट की व खुद एपीएचसी में झंडोत्तोलन भी किया.

इस दौरान चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी बंधक बने रहे. घटना की सूचना पर पहुंचे डीएम व एसपी ने चिकित्सक व स्वास्थ्य प्रबंधक को मुक्त कराया. इस घटना के बाद आइएमए और भासा के कड़े विरोध के बाद 27 जनवरी को एसपी ने आरोपी दारोगा को निलंबित कर दिया. लेकिन, बुधवार को विभिन्न संगठनों ने बैठक कर आरोपी दारोगा की गिरफ्तारी की मांग करते हुए बेमियादी हड़ताल पर जाने का अल्टीमेटम जिला प्रशासन को दिया था.

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