जांच नहीं होने से बंटने लगे शराब व नोट

Published at :27 Oct 2015 6:42 PM (IST)
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जांच नहीं होने से बंटने लगे शराब व नोट

जांच नहीं होने से बंटने लगे शराब व नोट फोटो – मधेपुरा 06कैप्शन – सिंहेश्वर शंकरपुर रोड स्थित एसएसटी कैंप पर अकेले बैठे दंडाधिकारी. – सिंहेश्वर प्रखंड में नहीं हो रही वाहनों की जांच– एसएसटी टीम के पास नहीं है सुरक्षा कर्मी — प्रतिनिधि, सिंहेश्वर स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता और समुचित जांच के अभाव के […]

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जांच नहीं होने से बंटने लगे शराब व नोट फोटो – मधेपुरा 06कैप्शन – सिंहेश्वर शंकरपुर रोड स्थित एसएसटी कैंप पर अकेले बैठे दंडाधिकारी. – सिंहेश्वर प्रखंड में नहीं हो रही वाहनों की जांच– एसएसटी टीम के पास नहीं है सुरक्षा कर्मी — प्रतिनिधि, सिंहेश्वर स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता और समुचित जांच के अभाव के कारण प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाको में आसन्न विधान सभा चुनाव को लेकर पैसा और शराब का खेल परवान पर है. कई प्रत्याशी के समर्थक खुलेआम मतदाताओं के बीच पैसा और शराब की खेप लेकर पहुंचने लगे हैं. स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले में जानबुझ कर अनजान बनी हुई है. नगद राशि और शराब के आवागमन पर नजर रखने के लिए बनायी गयी एसएसटी टीम भी पूरे प्रखंड क्षेत्र में हवा हवाई साबित हो रही है. जिस कारण शराब और नोट के बल पर मतदाताओं को बहला कर वोट हासिल करने वाले माफियाओं का हौसला बुलंद है. पुलिस विहीन है एसएसटी कैंप — प्रखंड क्षेत्र में अवैध शराब और नगद नोट के जांच के लिए दो जगहों पर एसएसटी कैंप बनाये गये है. 17 अक्तूबर से विधिवत कैंप पर वाहनों की जांच भी शुरू कर दी गयी थी. इन दोनों बेरियर पर 12-12 घंटा के दो पालियों में एक एक दंडाधिकारी को तैनात किया गया है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी आदेशानुसार इन कैंपों पर एक पुलिस अधिकारी और चार सुरक्षा कर्मी की तैनाती भी दोनों पालियों में की गयी है. लेकिन सोमवार की रात पिपरा सिंहेश्वर रोड पर एसएसटी कैंप विरान पड़ा हुआ था तो सिंहेश्वर शंकरपुर रोड पर स्थिति कैंप में अकेले दंडाधिकारी बैठ कर अपनी सुरक्षा की चिंता में मग्न थे. — तैनात दंडाधिकारी ने खोली पोल पट्टी– लालपुर सरोपट्टी पंचायत स्थित काली मंदिर नहर पर विरान में बने इस कैंप पर अकेले मौजूद दंडाधिकारी चंदन चंचल ने बताया कि कैंप पर आज तक रात में पुलिस जवान या अधिकारी तैनात नहीं किये गये हैं. दिन में कभी-कभी पुलिस बल आ जाता है. सुरक्षा कर्मियों के नहीं रहने के कारण शाम के बाद किसी वाहन को रोक कर जांच करना संभव नहीं है. दंडाधिकारी ने बताया कि कई बार पुलिस बल नहीं रहने की जानकारी बीडीओ और थानाध्यक्ष को दी गयी. बावजूद एसएसटी टीम को पुलिस बल उपलब्ध नहीं करवाया गया है. उलटे अधिकारियों ने किसी भी तरह वाहनों को रोक कर बीडीओ ग्राफी कर लेने का फरमान सुना दिया. लेकिन सुशासन स्थल पर अपनी जान को जोखिम डाल कर वाहनों को रोकने की हिम्मत अकेला दंडाधिकारी नहीं जुटा पा रहे हैं. — रोज रात में गुजरते हैं वाहन — दंडाधिकारी चंचल ने बताया कि वह और वीडियोग्राफर कैंप में बैठ कर रात गुजारते हैं. रोज रात करीब दो दर्जन से अधिक लगजरी वाहन इस सड़क पर आवागमन करती रहती है. लेकिन सुरक्षा बल नहीं रहने के कारण अधिकारी बेबस बने रहते है. दंडाधिकारी ने बताया कि सुरक्षा कर्मी के नहीं रहने के कारण बीते कई दिनों से स्थानीय एक पियक्कड़ रोज कैंप पर पहुंच कर गाली गलौज करता है. लेकिन अधिकारी कुछ भी नहीं कर पाते है. — वर्जन — एसएसटी कैंप पर सुरक्षा बल मुहैया करवाना थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी है. दंडाधिकारी द्वारा शिकायत मिलने पर थानाध्यक्ष को सुरक्षा बल भेजने के लिए फोन भी किया था. अजीत कुमार, बीडीओ, सिंहेश्वर,मधेपुरा

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