बाल विवाह व दहेज प्रथा को ले कार्यशाला
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Dec 2019 8:44 AM
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उदाकिशुनगंज : अनुमंडल मुख्यालय स्थित राजनंदन कला भवन के सभा कक्ष में मंगलवार को अनुमंडल पदाधिकारी एसजेड हसन की अध्यक्षता में बाल विवाह व दहेज प्रथा को लेकर उन्मुखीकरण कार्यशाला का अयोजन किया गया. एसडीएम ने कहा कि बाल विवाह व दहेज प्रथा समाज के लिए अभिशाप है. इसे जड़ से खत्म करना है. इसके […]
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उदाकिशुनगंज : अनुमंडल मुख्यालय स्थित राजनंदन कला भवन के सभा कक्ष में मंगलवार को अनुमंडल पदाधिकारी एसजेड हसन की अध्यक्षता में बाल विवाह व दहेज प्रथा को लेकर उन्मुखीकरण कार्यशाला का अयोजन किया गया. एसडीएम ने कहा कि बाल विवाह व दहेज प्रथा समाज के लिए अभिशाप है.
इसे जड़ से खत्म करना है. इसके लिए पंचायत के सभी प्रतिनिधि को भी आगे आना है. कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, बेमेल विवाह, भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा, दहेज हत्या आदि शामिल है. उन्होंने कहा कि दहेज लेना या दहेज देना दोनों अपराध हैं.
दहेज प्रतिषेध अधिनियम में इसे गैरजमानती व संघीय अपराध माना गया है. एसडीएम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलंबन पर आधारित मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना लागू की गई है.
इस योजना का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, कन्याओं के जन्म निबंधन व संपूर्ण टीकाकरण को प्रोत्साहित करना, बालिका शिशु मृत्यु दर को कम करना, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, बाल विवाह पर अंकुश लगाना तथा कुल प्रजनन दर में कमी लाना है. उन्होंने कहा कि पंचायतों में कहीं से भी बाल विवाह व दहेज लेनदेन की सूचना मिले तो इसकी जानकारी उक्त पंचायत के मुखिया और प्रशासन को दें. ताकि कार्रवाई की जा सके. साथ ही उन्होंने कहा कि इस सामाजिक कुरीति को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बाल-विवाह व दहेज प्रथा उन्मूलन हेतु राज्यव्यापी अभियान चलाई जा रही है. जिसे सफल बनाने में पंचायत के मुखिया व पंचायत स्तरीय प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है. कार्यशाला में उपस्थित प्रतिनिधियों से एसडीएम ने कहा बाल-विवाह क्षम्य में नहीं है. लड़का की शादी 21 वर्ष व लड़की की शादी 18 वर्ष से कम उम्र में नहीं किया जाए.
इससे कम उम्र में कहीं भी शादी किए जाने की सूचना मिले तो समाज द्वारा भी उसे तत्काल रोके व सूचना वरीय पदाधिकारियों को दें. बाल विवाह का मूल कारण अशिक्षा व गरीबी है. बैठक में मुखिया अब्दुल अहद, बबलू यादव, मो वाजिद, मुखिया प्रतिनिधि मुख्तार आलम, धुर्व कुमार ठाकुर, रितेश कुमार सिंह, अयुब अली, विनोद कुमार, माधुरी देवी, अंजना कुमारी, विवेक कुमार आदि मौजूद थे.
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