नीलामी की उम्मीद में बर्बाद हो रही करोड़ों की लकड़ियां
Updated at : 17 Sep 2019 7:48 AM (IST)
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अमित अंशु, मधेपुरा : पर्यावरण एवं वन विभाग कार्यालय मधेपुरा में लाखों रुपये मूल्य की लकड़ी बर्बाद हो रही है. इस संबंध में विभाग कारगर कदम नहीं उठा रहा है. वन विभाग के कार्यालय परिसर में जमीन पर रखे शीशम सहित कई अन्य महंगे पेड़ों की लकड़ी बर्बाद हो रही है. फिर भी विभाग खराब […]
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अमित अंशु, मधेपुरा : पर्यावरण एवं वन विभाग कार्यालय मधेपुरा में लाखों रुपये मूल्य की लकड़ी बर्बाद हो रही है. इस संबंध में विभाग कारगर कदम नहीं उठा रहा है. वन विभाग के कार्यालय परिसर में जमीन पर रखे शीशम सहित कई अन्य महंगे पेड़ों की लकड़ी बर्बाद हो रही है. फिर भी विभाग खराब हो रही लकड़ी को नीलाम करने के प्रति ठोस कदम नहीं उठा रहा है.
जिले में वन विभाग के लापरवाही से सरकार को लाखों का नुकसान हो रहा है. वन विभाग के कार्यालय परिसर में खुले ही महंगी लकड़ियां रखी गयी है. ऐसे में यह महंगी लकड़ियां मौसम का दंश झेल रही है. इसको लेकर विभाग के अधिकारी का कहना है कि नीलामी की प्रक्रिया जारी है. सदर प्रखंड कार्यालय के समीप वन विभाग में विभाग ने लाखों रुपये की जब्त की हुई लकड़ी रखा हुआ है.
इसमें एनएच 106-107 पर स्थित पेड़ों की काफी लकडियां है. इसे एनएच 106-107 बनाने के दौरान काटा गया था. समय पर इस लकड़ी की बिक्री कर दी जाती है तो सरकार को लाखों के राजस्व की प्राप्ति होगी. इन लकड़ियों को तेज धूप व बरसात खराब कर रही है. खराब लकड़ी कचरे के भाव में नीलामी होगी.
नीलामी नहीं होने से बर्बादी के कगार पर हैं लकड़ी
वन विभाग परिसर में खुले आसमान के नीचे बर्बाद हो रही लाखों की लकड़ी लंबे समय से जमा रहने के बाद भी अबतक नीलामी नहीं होने से वो बर्बादी के कगार पर है. इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है. इस ओर समय रहते अगर ध्यान नहीं दिया गया तो सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ सकता है. साफ देखा जा सकता है कि वर्षों से जमा इस लकड़ी के ढेर को विभाग ने नीलामी में नहीं डाला.
इस पर पेड़-पौधे व जंगली लत उग आयी है. विभाग की मानें तो इस वक्त सड़क को बनाने दौरान भारी मात्रा में पेड़ों की कटाई चल रही है. इस कारण लगभग रोजाना भारी मात्रा में लकड़ियां डिपो पहुंच रही है. एक साथ डिपो में लकड़ियां पहुंचने से इसका रख रखाव ठीक ढंग से नहीं हो पाता है. कई पेड़ ऐसे भी होते हैं, जिनकी लकड़ी खुले आसमान के नीचे रहने से कम दिनों में ही खराब हो जाती है. ऐसा है तो विभाग को ऐसी लकड़ियों को जल्द से जल्द नीलामी के लिए सोचना चाहिए.
काफी मात्रा में लकड़ी है जमा, लोगों में सांप-कीड़े का है डर
लकड़ी के गट्ठर के लंबे समय से जमा रहने के कारण आसपास सांप कीड़े का डर भी लोगों को सताने लगा है. डिपो के बायीं ओर अंचल कार्यालय, दायीं ओर डीआरसीसी के साथ डिपो के आसपास कई कार्यालय हैं. इन कार्यालयों में प्रतिदिन हजारों लोग का आना जाना लगा रहता है. इससे लोगों में भय का माहौल रहता है.
अंचल कार्यालय में जहां पर जाति, आय व आवासीय प्रमाण पत्र के आवेदन किया जाता है. वह काउंटर डिपो से सटा हुआ है. इस कारण वहां पर सुबह 10 बजे से शाम के चार बजे तक लोगों की भीड़ बनी रहती है. खासकर स्कूली छात्र- छात्राओं की भीड़ रहती है. ऐसे में वहां पर महीनों से रखे लकड़ी तथा उसमें सांप कीड़े होने से छात्र-छात्रओं में डर का माहौल रहता है.
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