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रोक के बाद भी 97.90 लाख किया भुगतान

Updated at : 07 Jun 2019 8:12 AM (IST)
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रोक के बाद भी 97.90 लाख किया भुगतान

मुरलीगंज : स्वच्छता के नाम पर मुरलीगंज नगर पंचायत में पोर्टेबल बायो टॉयलेट के खरीद में अनियमितता का मामला उजागर हुआ है. जानकारी के अनुसार मुरलीगंज नगर पंचायत में पोर्टेबल बायो टॉयलेट के खरीद पर नगर विकास विभाग विशेष सचिव जयप्रकाश मंडल व कार्यपालक अभियंता सोमेश कुमार सिंह नगर विकास व आवास विभाग द्वारा संयुक्त […]

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मुरलीगंज : स्वच्छता के नाम पर मुरलीगंज नगर पंचायत में पोर्टेबल बायो टॉयलेट के खरीद में अनियमितता का मामला उजागर हुआ है. जानकारी के अनुसार मुरलीगंज नगर पंचायत में पोर्टेबल बायो टॉयलेट के खरीद पर नगर विकास विभाग विशेष सचिव जयप्रकाश मंडल व कार्यपालक अभियंता सोमेश कुमार सिंह नगर विकास व आवास विभाग द्वारा संयुक्त जांच प्रतिवेदन देना 30 मार्च 2019 को जांच प्रतिवेदन दिया गया. इस आलोक में विभागीय अधिकारियों ने 31 मई 2019 को पोर्टेबल बायो टॉयलेट के खरीद में अनियमितता की जांच की, जिसमें नगर आवास विभाग बिहार सरकार के विशेष सचिव ने 11 अक्तूबर 2018 को बायो टॉयलेट क्या आपूर्तिकर्ता के भुगतान पर रोक के बाद भी राशि भुगतान का मामला सामने आया.

2018 में हुई थी जांच
गौरतलब है कि 11 अक्तूबर 2018 में मुरलीगंज नगर पंचायत द्वारा पोर्टेबल बायो टॉयलेट के संबंध में जांच किया गया था. इसमें निविदा बिक्री की तिथि 28 अक्तूबर 2017 से 4 नवंबर 2017 तक रखी गयी थी. निविदा जमा करने की तिथि 6 नवंबर 2017 से 11 नवंबर 2017 तथा निविदा खुलने की अंतिम तिथि 14 नवंबर 2017 रखी गयी थी. जांच में इस बात का खुलासा किया गया है कि इच्छुक निविदाकारों को निविदा कागजात क्रेय करने व जमा करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था.
तीन निवादाकारों ने दिया था दर का आवेदन
बायो टॉयलेट की खरीद में तीन निविदा का आवेदन किया गया था. जिसमें एक सीमा स्टील प्रोडक्ट्स, दूसरा गोयल एक्वाफार्म इंडिया और तीसरा त्रिवेणी इंटरप्राइजेज निविदाकारों द्वारा दो प्रकार के पोर्टेबल बायो टॉयलेट एफआरपी और बीएफ मोड का दर दिया गया था. मुरलीगंज नगर पंचायत के अस्थाई क्रय समिति द्वारा एफआरपी पोर्टेबल बायो टॉयलेट सिंगल यूजर की आपूर्ति गोयल एक्वा फॉर्म को करने का निर्णय लिया गया. जांच टीम द्वारा किये गये मुख्य बिंदुओं को अंकित करते हुए यह स्पष्ट कर दिया गया कि निविदा आमंत्रण सूचना में बायो टॉयलेट की कितनी आपूर्ति की जायेगी.
डीएम के गठित समिति के अनुपस्थिति में भुगतान
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला पदाधिकारी द्वारा गठित समिति के सदस्यों की अनुपस्थिति में इतनी बड़ी राशि का आवंटन किया जाना अनियमितता प्रतीत होता है. उक्त बायो टॉयलेट 64400 हजार प्रति बायो टॉयलेट की दर से खरीद की गयी है, जबकि विभाग द्वारा व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए मात्र 12000 हजार राशि का अनुदान लाभुकों को दिया जाता है. सामुदायिक शौचालय के लिए प्रति प्रति सीट 64000 हजार की दर से निर्धारित की गयी है.
जांच में बताया गया कि वर्तमान मामले में लाभुकों को 64,400 हजार व्यक्तिगत पोर्टेबल बायो टॉयलेट पर उपलब्ध कराया गया है व जांच क्रम में सभी आवासीय सरकारी अतिक्रमण भूमि पर बसे लोगों को यह सिंगल सीटर टॉयलेट उपलब्ध करवाया गया है.
ऐसी स्थिति में इसे अगर अन्यत्र शिफ्ट किया जाता है तो यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जायेगा. ऐसे मोबाइल बायो टॉयलेट की आपूर्ति की जानी चाहिए जिससे आवश्यकता अनुसार शिफ्ट किया जा सके. वार्ड पांच के महादलित महिला पूनम देवी ने बताया कि यह किसी उपयोग की नहीं है. यह एक महीने में ही भर गया. जरा सी हवा चलने पर वह लुढ़क कर गिर जाता है. सरकार का पैसा बेकार की लूट में चला गया.
युवा राजद नगर अध्यक्ष शशि चंद्र गोल्डु ने बताया कि बायो टॉयलेट जो खरीद हुई है व गुणवत्ता विहीन है और पूरी तरह से भ्रष्टाचार किया गया है. जांच में इस मामले को उजागर किया गया है.
देखते हैं जांच पर कहां तक और किन लोगों पर कार्रवाई हो पाती है. घोटाले की संलिप्तता पूरी उजागर हो चुकी है. गौरतलब हो कि जिन लोगों को इस तरह के शौचालय की आपूर्ति की गयी है वे इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं.
उपयोग के लायक नहीं है बायो टॉयलेट
मुरलीगंज नगर पंचायत के बगल में बसे महादलित को बायो टॉयलेट आपूर्ति की गयी है. उन लोगों ने बताया कि यह उपयोगिता के लायक चीज ही नहीं है. वहीं अधिकांश बायो टॉयलेट इधर उधर फेंके हुए नजर आये. मुरलीगंज नगर पंचायत में गैरमजरूआ खास जमीन में बसे हुये हैं व खाली पड़ी हुई है कार्यपालक द्वारा अगर इस दिशा में प्रयास किया जाता तो उक्त जमीन की एनओसी प्राप्त कर सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाया जा सकता था पर यह प्रयास नहीं किया गया और बसे हुए लाभुकों को पोर्टेबल शौचालय दिया गया जो कि एक महीने के अंदर ही उपयोगिता के लायक नहीं रहा न इसमें पानी व बिजली की आपूर्ति की सुविधा की गयी है. टेंडर के लिए ई-टेड्रिंग होना चाहिए था, जबकि ऐसा नहीं किया गया.
64,400 हजार प्रति बायो टॉयलेट की दर से हुई थी खरीद
बायो टॉयलेट वार्ड नंबर एक से लेकर के 15 वार्डों के लाभुकों को उपलब्ध करवाई जाने की बात कही गयी है. पोर्टेबल बायो टॉयलेट 15 वार्डों में आपूर्ति संख्या के मुताबिक जिला पदाधिकारी द्वारा क्रय समिति गठित की गयी. उक्त नामित सदस्यों में से दो सदस्यों ने क्रय समिति की बैठक में मुख्य पार्षद की अध्यक्षता में किये गये. उक्त बैठक में उपस्थित उक्त दो सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं पाये गये हैं. विभागीय पदाधिकारी के रूप में मात्र कार्यपालक पदाधिकारी के हस्ताक्षर व शेष सदस्य सशक्त स्थाई समिति के सदस्य हैं.
306 पोर्टेबल शौचालय लगाये गये हैं. इसमें 152 का पेमेंट किया गया है, जो कि पूर्व के कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा किया गया है. इसमें हमारी कोई संलिप्तता नहीं है.
शंकर प्रसाद, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, मुरलीगंज
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