सही उम्र में हो विवाह, दहेज प्रथा व दहेज उत्पीड़न पर लगे रोक
Updated at : 06 Dec 2017 6:10 AM (IST)
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कार्यक्रम . जिलाधिकारी ने ‘बंधन तोड़’ एप किया लांच मधेपुरा : बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरुद्ध यह आंदोलन आज और इसी विद्यालय से शुरुआत की जाती है. यह आंदोलन है बच्ची को बचाने का लड़कों को बचाने का, लड़के लड़कियों को नौकरी के बाद शादी का और कम उम्र में शादी न होने […]
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कार्यक्रम . जिलाधिकारी ने ‘बंधन तोड़’ एप किया लांच
मधेपुरा : बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरुद्ध यह आंदोलन आज और इसी विद्यालय से शुरुआत की जाती है. यह आंदोलन है बच्ची को बचाने का लड़कों को बचाने का, लड़के लड़कियों को नौकरी के बाद शादी का और कम उम्र में शादी न होने का, सभी इस संदेश को आज से हर घर घर तक पहुंचायेंगे. उपरोक्त बातें मंगलवार को केशव कन्या उच्च विद्यालय के प्रांगण में बाल विवाह व दहेज प्रथा के विरुद्ध कार्यक्रम के मौके पर बंधन तोड़ एप लांच के दौरान जिला पदाधिकारी मो सोहैल ने कही
डीएम ने कहा कि जो लड़कियां पढ़ती हैं उनके पास तो जन्म प्रमाण पत्र है और जो लड़कियां नहीं पढ़ती है उनके पास कोई भी जन्म प्रमाण पत्र नहीं है. इसके कारण भी उनकी शादी कम उम्र में की जाती है. इसलिए उन्होंने वैसे लड़कियों से कहा कि जिनके पास भी जन्म प्रमाण पत्र नहीं है वह अपना आधार कार्ड जल्द से जल्द बना ले.
घोषणा पत्र बनाकर चलाया जायेगा हस्ताक्षर अभियान
डीएम ने कहा आखिर क्यों लड़कियों की शादी 18 वर्ष से कम उम्र में की जाती है, सिर्फ लड़कों की शादी 21 वर्ष के बाद क्यों होती है. दहेज प्रथा के विरुद्ध उन्होंने कहा कि हम घोषणापत्र बनवायेंगे और सभी लड़के लड़कियों से इस पर हस्ताक्षर किया जायेगा कि न तो वह दहेज दें और न ही लें. इस अभियान को पूरा करने के लिए हर वार्ड में वार्ड सभा, हर पंचायत में सभा, हर ब्लॉक में और इस तरह जिला और जिले से हमराज तक इस अभियान को चलायेंगे. बाल विवाह का प्रतिशत बताते हुए ने कहा कि 56 प्रतिशत लड़की की शादी 18 वर्ष से कम उम्र में की जाती है और 21 वर्ष से कम उम्र में ही मां बन जाती है. यह प्रतिशत हमारे मधेपुरा जिला के लिए बहुत ही शर्म की बात है.
इस अभियान को और भी मजबूत बनाने के लिए बालसखी समूह व बाल सखा समूह बनाया जायेगा. जिसमें नौवीं व दसवीं के लड़के लड़कियां रहेंगे. जो सभी गांव गांव घूम घूमकर दहेज प्रथा व बाल विवाह के प्रति लोों को समझायेंगे.
डीएम का क्रांतिकारी कदम : मौके पर यूएनएफपीए के प्रमुख मो नदीम नुर ने कहा कि मधेपुरा जिला के जिला पदाधिकारी का क्रांतिकारी कदम है कि उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरुद्ध यह कार्यक्रम चलाया. कार्यक्रम में कला जत्था की टीम ने गीत गाकर और नाटक प्रस्तुत कर लोगों को बाल विवाह और दहेज प्रथा के बारे में समझाया. कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डीपीओ कयूम अंसारी ने किया और कार्यक्रम का संचालन जय कृष्ण यादव ने किया. कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी मो सोहैल डीडीसी मुकेश कुमार, डीपीओ कयूम अंसारी, आपदा प्रभारी मुकेश कुमार, डीपीआरओ महेश पासवान, शिक्षा विभाग के डीपीओ स्थापना मो नसीम अहमद, डीपीओ नारद कुमार द्विवेदी, गिरीश कुमार, केशव कन्या उच्च विद्यालय की प्राचार्य विभा कुमारी, शिक्षक यादव विक्रम व पटना से बंधन तोड़ एप को लांच करने के लिए प्रशांति दीवान, मो नदीम नुरू उपस्थित थे.
बंधन तोड़ एप से रुकेगी बाल विवाह व दहेज प्रथा
एप को लांच करने के लिए प्रशांति दीवान ने बंधन तोड़ एप के बारे में बताया कि बाल विवाह दहेज प्रथा को लेकर इस एप में वीडियो दिखाया जाता है कि इससे हमें क्या नुकसान है. इस एप्स को लोड करने के बाद हम सीख सकते हैं कि बाल विवाह और दहेज प्रथा नहीं होनी चाहिए. इसके बाद उन्होंने कहा कि नौवी व दसवीं छात्रों को एप के जरिये फ्री में किसी भी विषय का क्लास भी दिया जा सकता है.
बच्चों के पढ़ाई में भी है सहायक
अगर किसी भी छात्र छात्राओं को कोई भी परेशानी आती है तो वह इस एम में उस प्रश्न को डाल करके उसका उत्तर भी जान सकती है और जो भी इस एप को लोड करेगा. उसे उनके मोबाइल पर एक सौ रूपया भी डाले जायेंगे. जिसका उपयोग वह बिजली बिल या फिर मोबाइल रिचार्ज में उपयोग कर सकते हैं. एप में एसओएस नाम का एक बटन होता है. जिस बटन का उपयोग जब भी कहीं जबरन विवाह बाल विवाह या दहेज को लेकर कोई परेशानी आये तो हम उस बटन को उपयोग करें. इसके माध्यम से अधिकारियों को इसकी सूचना मिल जायेगी और मौके पर पहुंचेगे. उसमें डीएम, एसपी, एसडीओ, डीएसपी व थानाध्यक्ष का नंबर उपलब्ध है.
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