यौन शोषण पीड़िता को नहीं मिला न्याय, एक बच्ची को दिया जन्म

Published at :03 Aug 2017 4:47 AM (IST)
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यौन शोषण पीड़िता को नहीं मिला न्याय, एक बच्ची को दिया जन्म

मुरलीगंज : 20 जनवरी से न्याय की गुहार लगा रही यौन शौषण की शिकार पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिल पाया. न्याय के आस देख रही पीड़िता ने गत दिनों एक बच्ची को जन्म दिया. दस अक्तूबर 2016 की रात दुष्कर्म हुआ, गांव, समाज ने पंचायत के नाम पर बार-बार बिठाया. विवाह करने की […]

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मुरलीगंज : 20 जनवरी से न्याय की गुहार लगा रही यौन शौषण की शिकार पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिल पाया. न्याय के आस देख रही पीड़िता ने गत दिनों एक बच्ची को जन्म दिया. दस अक्तूबर 2016 की रात दुष्कर्म हुआ, गांव, समाज ने पंचायत के नाम पर बार-बार बिठाया. विवाह करने की बात हुई और आखिरकार आरोपित मुकर गया. पुलिस के पास मामला जनवरी में दर्ज हुआ. तब से अब तक आरोपित फरार है. इधर, दुष्कर्म पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया है.

क्या है मामला. पीड़िता के अनुसार घटना 10 अक्तूबर 2016 की है. जब पीड़िता घर में सोयी हुई थी तब आरोपित सिगयान पंचायत घरहरा गांव वार्ड नंबर छह निवासी मो मोबारक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. इसके बाद मो आरोपित ने धमकी दिया कि कहीं बोली तो और जान से भी मार देंगे, तुमसे हम शादी करेंगे. घटना के बाद पीड़िता की मां ने मुबारक के पिता व माता को सारी बात बतायी. उनलोगों ने आश्वासन दिया कि रात अधिक हो गया है. सुबह में हमलोग बैठकर आपस में तय कर लेंगे.
सुबह पंचायत में पंचों के समक्ष आरोपित व उसके परिजन ने स्वीकार किया कि गलती हो गयी है. अब मो मुबारक के साथ पीड़िता शादी हो जायेगी. जिस पर पीड़िता व पीड़िता की मां ने पंचों की बात को मान लिया तथा मो मुबारक के माता व पिता भी स्वीकार किया कि 30 दिसंबर 2016 को शादी होगी. पीड़िता जब गर्भवती हो गयी तो शादी के लिए मो मुबारक के उनके माता व पिता को बोला गया, लेकिन उनलोगों ने कहा कि आप की लड़की गर्भवती है. पहले डॉक्टर से अपनी लड़की का गर्भपात करवा लो तब शादी होगी. पीड़िता के माता व पिता चार जनवरी 2017 को फिर पंचायत बुलायी गयी तब आरोपित ने पंचों की भी बात को नहीं माना, पंचों ने पीड़िता को कानून का सहारा लेने को कहा. इसके बाद 20 जनवरी को मामला दर्ज कराया गया. पीड़िता 164 के तहत न्यायालय में बयान भी हो गया है, लेकिन पीड़िता की मां ने बताया कि अब तक आरोपी पुलिस के पकड़ से बाहर है. पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर अपनी औपचारिकता पूरी कर लेने भर से मतलब रखती.
क्या बच्ची को मिलेगा पिता का नाम?
पीड़िता ने बताया कि मुख्यमंत्री जनता दरबार से लेकर महामहिम राज्यपाल तक के यहां अपनी दुख भरी दास्तान रखी. न्याय की आस में नवजात को लेकर अब किसका दरवाजा खटखटाएं? जिले के स्थानीय पुलिस प्रशासन से न्याय की भीख मांगते पीड़िता अब बच्चे ने भी जन्म ले ले जन्म ले लिया. पिछले दिनों एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 19 जून 2017 प्रभात खबर के माध्यम से पहल करने की बात बतायी गयी, तो ऐसा लगा कि न्याय की उम्मीद की किरण जगी. उन्होंने कहा था कि मामले में साक्ष्य के आधार पर पुलिस त्वरित कार्रवाई रही हैं. किसी भी हालत में दोषी बख्शे नहीं जायेंगे. मामले में शिथिलता बरती गयी, तो संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. पुलिस वही रटी रटाया जबाब दे रही है कि नाबालिग आरोपित घर से फरार पुलिस अनुसंधान कर रही है.
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