बड़हिया में मिड-डे-मील की नयी व्यवस्था लड़खड़ाई

बच्चों से लेकर शिक्षकों तक में देखी जा रही नाराजगी
-बच्चों से लेकर शिक्षकों तक में देखी जा रही नाराजगी -कई विद्यालयों में समय से नहीं पहुंच सका मिड-डे-मील बड़हिया. मिड-डे-मील की नयी व्यवस्था शुरू होते ही बड़हिया शिक्षांचल के विद्यालयों में अव्यवस्था हावी दिखी. क्षेत्र के कुल 88 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एनजीओ बालाजी सामाजिक विकास समिति को दी गयी है. सड़क किनारे स्थित 28 स्कूलों में यह व्यवस्था एक दिसंबर से लागू हुई, जबकि बाकी स्कूलों में इसे एक जनवरी 2026 से लागू किया जाना है. पहले ही दिन भोजन की गुणवत्ता और आपूर्ति समय को लेकर कई शिकायतें सामने आयीं. निर्धारित मेनू के अनुसार चावल और हरी सब्जी युक्त दाल परोसी जानी थी, लेकिन कई विद्यालयों ने बताया कि चावल अधपका था. प्राथमिक विद्यालय खुशहाल टोला में बच्चों ने निम्न गुणवत्ता के कारण भोजन खाने से इनकार कर दिया. समय पर भोजन पहुंचाने में भी बड़ी लापरवाही देखने को मिली. मध्य विद्यालय इंदुपुर में मिड-डे-मील सुबह 10 बजे ही पहुंचाया गया, जबकि प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित जाति टोला इंदुपुर में भोजन 1:24 बजे पहुंचा. उस समय तक बच्चे भोजन के लिए घर लौट चुके थे. विद्यालय प्रधानाचार्यों ने एनजीओ कर्मियों के असहयोगपूर्ण रवैये की भी शिकायत की है. इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह बीडीओ प्रतीक कुमार ने कहा कि सभी शिकायतों को दर्ज किया जा रहा है और रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जायेगी. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक कमियों को दूर करते हुए व्यवस्था को जल्द ही सुचारू रूप दिया जायेगा.
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By Rajeev Murarai Sinha Sinha
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