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बारिश के दिनों में शहर की स्थिति हो जाती बद से बदतर

Updated at : 09 Aug 2024 9:34 PM (IST)
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बारिश के दिनों में शहर की स्थिति हो जाती बद से बदतर

बरसात के दिनों में शहर की स्थिति गली-मोहल्ले छोड़कर मुख्य सड़क व चौक-चौराहा कीचड़मय हो ही जाती है.

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लखीसराय. बरसात के दिनों में शहर की स्थिति गली-मोहल्ले छोड़कर मुख्य सड़क व चौक-चौराहा कीचड़मय हो ही जाती है. साथ ही बीच चौराहे पर कचरे का ढेर लगा हुआ है. एक तरफ सावन के माह में साफ-सफाई पर जिला प्रशासन की ओर विशेष ध्यान देने की बात कही जाती है तथा बार-बार शहर व सड़कों की साफ-सफाई को जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा दोहराई जाती है, लेकिन नगर परिषद के कर्मी इतने लापरवाह हैं कि मुख्य सड़क एवं चौक-चौराहे पर कूड़ा यूं ही छोड़ दिया जाता है. सावन के पवित्र माह में कांवरियों के आने-जाने के मुख्य चौराहे पर ही कूड़े का ढेर लगा हुआ है. पिछले तीन-चार दिनों से सफाई कर्मियों द्वारा चौराहे की साफ-सफाई कर कूड़े को छोड़ दिया है, जिसके कारण कांवरियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सुल्तानगंज जाने वाले कावरिया विद्यापीठ चौक पर कुछ देर के लिए रूकते हैं. नाश्ता पानी एवं फ्रेश होने के लिए बाथरुम जाने को लेकर विद्यापीठ चौक पर ठहरते हैं लेकिन कूड़ों का ढेर देखकर कांवरिया विद्यापीठ चौक नहीं पर रूककर आगे बढ़ते रहते हैं. स्थानीय दुकानदार मकेश्वर साव, पिंटू श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से यहां कूड़े का ढेर लगा हुआ है. बारिश होने के बाद पूरा नल को जाम कर देता है, जिससे कि यहां कीचड़मय स्थिति उत्पन्न हो जाती है. कांवरिया यहां रूकते हैं तो दुकान को कुछ फायदा हो जाता है लेकिन कूड़ों का ढेर देखकर कांवरिया यहां रूकना नहीं चाहते हैं.

शहर की साफ सफाई पर हो रहे हैं 70 लाख से अधिक खर्च

शहर की साफ-सफाई पर 70 लाख प्रति माह खर्च किया जा रहा है. डोर-टू-डोर कचरा उठाव को लेकर सफाई एजेंसी को 50 लाख प्रतिमाह दिया जाता है. यहां तक की सफाई एजेंसी को नगर परिषद मामूली रकम पर साफ-सफाई एजेंसी को सफाई उपकरण भी उपलब्ध करा देते हैं. डोर-टू-डोर सफाई कर्मी के अलावा दैनिक सफाई कर्मी एवं अस्थायी सफाई कर्मी द्वारा भी कार्य लिया जाता है लेकिन सफाई के नाम पर पूर्व में मुख्य सड़क की साफ-सफाई की जाती थी. अब मुख्य चौराहा का साफ-सफाई नहीं हो रहा है जबकि सावन माह में साफ-सफाई एवं कांवरियों के लिए सुविधाओं के लिए ठहरने एवं शौचालय की व्यवस्था करने की बात कही जाती है, लेकिन इसका उल्टा देखने को मिल रहा है.

पहले मोहल्ले में जमा रहता था कूड़ा, अब मुख्य चौराहे व सड़क की होती है नारकीय स्थिति

पहले नगर परिषद के मोहल्ले में साफ-सफाई नहीं होने के कारण पूरा गली-मोहल्ले में जमा रहता था. डोर-टू-डोर सफाई कर्मी से नहीं पहुंचने के कारण लोग पूरा मोहल्ला का मुख्य चौराहा, गली आदि में फेंक देते हैं. अब मुख्य सड़क एवं मुख्य चौराहा का भी यही हाल हो रहा है. मुख्य चौराहा विद्यापीठ चौक पर कूड़े का भंडार लगा हुआ है. वहीं विद्या की मंदिर कहे जाने वाला मध्य विद्यालय इंग्लिश के आगे पूरा फेंक दिया जाता है, जहां महीनों तक ढेर लगा हुआ रहता है.

बोले नप ईओ

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि शहर में साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है. कांवरिया के साधन एवं अन्य सुविधा पर ध्यान रखा जा रहा है.. विद्यापीठ चौक पर सफाई कर्मियों को भेजकर अभी साफ-सफाई करवायी जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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