राष्ट्रीय हस्त करघा दिवस पर किया गया पौधरोपण

चानन प्रखंड क्षेत्र के बिछवे गांव के बहियार में बुधवार को राष्ट्रीय हस्त करघा दिवस पर पर्यावरण भारती द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
लखीसराय. जिले के चानन प्रखंड क्षेत्र के बिछवे गांव के बहियार में बुधवार को राष्ट्रीय हस्त करघा दिवस पर पर्यावरण भारती द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पर्यावरण भारती 2008 से ही पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज में जन जागरण का कार्य कर रहा है. पर्यावरण भारती के संस्थापक रामविलास शांडिल्य ने कहा कि संसार के मानव ग्लोबल वार्मिंग से चिंतित है. वैश्विक तापमान प्रति वर्ष बढ़ते जा रहा है. संसार में मानव विकास के नाम पर कंक्रीट के जंगल बिछा रहे हैं. धरती पर जंगल 33 प्रतिशत होना अनिवार्य है, परंतु 15 प्रतिशत ही बचा है. उसमें भी बिहार में केवल 13 प्रतिशत जंगल है. 15 प्रतिशत जंगल करने के अभियान को लेकर ही सरकार के पसीने छूट रहे हैं. इसके लिए केवल सरकार से अपेक्षा नहीं करना है, मुख्य रूप से समाज को आगे आना होगा. पौधरोपण अभियान प्रत्येक मानव का दायित्व है. शांडिल्य ने बताया कि सात अगस्त राष्ट्रीय हाथ करघा दिवस है. महात्मा गांधी ने सात अगस्त 1905 में अंग्रेजों के विरूद्ध स्वदेसी आंदोलन का शुभारंभ हस्तकरघा चलाकर किये थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात अगस्त 2015 को चेन्नई में हथकरघा चलाकर राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की घोषणा की थी. इसका उद्देश्य हथकरघा श्रमिकों को सम्मानित एवं पुरस्कृत करना है. कुटीर उद्योग बढ़ने से बेरोजगारी भी समाप्त होगी. सभी मानव को उचित मूल्य पर वस्त्र भी मिलेगा. ऐसे अवसर पर पौधरोपण महत्वपूर्ण कार्य है. पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में सागर महतो, प्रेम प्रकाश, बादल कुमार, सुबोध कुमार, सुरेंद्र कुमार, प्रिंस कुमार, अनुराग राणा, समर कुमार, प्रशांत कुमार, शिक्षक अरविंद कुमार आदि ने भाग लिया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




