ePaper

कुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र में विशेष सुविधा

Updated at : 23 Jun 2025 9:48 PM (IST)
विज्ञापन
कुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र में विशेष सुविधा

पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) एक स्वास्थ्य सुविधा है. जहां गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाता है

विज्ञापन

लखीसराय.

पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) एक स्वास्थ्य सुविधा है. जहां गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में कुपोषण का प्रबंधन करना है. इसके साथ इन बच्चों के माताओं या देखभाल करने वालों को पोषण और स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करने और उनका प्रबंधन करने के लिए परामर्श के साथ सहायता प्रदान की जाती है. सिविल सर्जन डॉ बीपी सिन्हा ने बताया कि कुपोषण की समस्या से जूझ रहे बच्चों को 14 दिनों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र में रखा जाता है. जहां बच्चों को चिकित्सा और पोषण संबंधी देखभाल उपलब्ध की जाती है. उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल के द्वितीय तल पर स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों को लाने हेतु जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को यह निर्देश दिया गया है कि उनके यहां आशा हो या आंगनबाड़ी सेविका अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण के दौरान कुपोषित बच्चे की पहचान कर अपने नजदीकी प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जानकरी दें एवं कुपोषित बच्चे के माता -पिता के साथ जागरूक भी करें. साथ ही अगर जरुरत पड़े तो बच्चे को सदर अस्पताल में स्थित पुनर्वास केंद्र तक ले जाने में मदद भी करें. इसकी निगरानी भी लगातार करते रहें.

पुनर्वास केंद्र में बच्चों का रखा जाता है विशेष ख्याल

डीपीसी सुनील कुमार ने बताया कि पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उनके खान-पान का विशेष ख्याल रखा जाता है. यहां रखे गये बच्चे यदि 14 दिनों अंदर कुपोषण से मुक्त नहीं हो पाते, तो वैसे बच्चों को 21 दिन तक विशेष रूप से देखभाल की जाती है. पुनर्वास केंद्र में भर्ती हुए बच्चे, वजन में न्यूनतम 15 प्रतिशत की वृद्धि के बाद ही डिस्चार्ज किये जाते हैं. पोषण पुनर्वास केंद्र में मिलने वाली सभी सुविधाएं निशुल्क होती हैं. डीपीसी बताते हैं की बच्चा डिस्चार्ज होने के बाद हर 15 दिन के बाद पोषण पुनर्वास केंद्र में जांच हेतु अपने माता-पिता के साथ आना पड़ता है जिसमें आशा भी उनकी सहायता करती है. इस कार्य हेतु आशा या लाभार्थी के माता-पिता को 250 रुपये मिलता है. साथ ही लाभार्थी के माता-पिता को अलग से प्रत्येक दिन के लिए सौ रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता हैकुपोषण के शिकार बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करने के लिए कुछ मानक निर्धारित किये गये हैं. इसके तहत बच्चों की विशेष जांच जैसे उनका वजन व बांह आदि का माप किया जाता है. इसके साथ ही छह माह से अधिक एवं 59 माह तक के ऐसे बच्चे जिनकी बायीं भुजा 11.5 सेमी हो और उम्र के हिसाब से लंबाई व वजन न बढ़ता हो वो कुपोषित माने जाते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Rajeev Murarai Sinha Sinha

लेखक के बारे में

By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन