महंगे लागत पर होती है लाल टमाटर की खेती, फिर भी सस्ता नहीं तो आय अच्छी

Edited by ABHAY KUMAR
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जिले के बड़हिया लखीसराय एवं पिपरिया गांव में लाल टमाटर की खेती जमकर होती है धान के कटोरे में सोयाबीन एवं लाल टमाटर की पैठ बढ़ने लगी हैं.

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लखीसराय. जिले के बड़हिया लखीसराय एवं पिपरिया गांव में लाल टमाटर की खेती जमकर होती है धान के कटोरे में सोयाबीन एवं लाल टमाटर की पैठ बढ़ने लगी हैं. हालांकि लाल टमाटर की खेती की लागत महंगा होता है. जोत, सिंचाई एवं छिड़काव छोड़कर लाल टमाटर के बीज तीन हजार रुपये है. साबिकपुर के किसान नीरज कुमार ने बताया एक बीघा में तीस हजार की लागत है. अगर टमाटर सस्ता हो गया तो किसानों को खेत में ही छोड़ देते हैं. किसानों के कहना है कि उनका टमाटर उत्तरी बिहार के दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर एवं नेपाल देश तक निर्यात किया जाता है. अगर टमाटर खेत से पांच रुपये प्रति किलो भी बिक्री हो तो एक किसान को 60 से 70 हजार रुपये की एक किसान को बचत हो जायेगा. पिछले साल टमाटर का भाव दो रुपये प्रति किलो हो गया. जिसके कारण किसान को घाटा हो गया था. किसानों का कहना है कि धान गेहूं से दो गुणा टमाटर से आय कमाई की सकती है.

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