गांव में बीमार पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल एम्बुलेंस की सेवा से लोग उत्साहित
Updated at : 23 May 2025 7:38 PM (IST)
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गांव में बीमार पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल एम्बुलेंस की सेवा से लोग उत्साहित
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हलसी
. प्रखंड के कुल 61 गांवों के लोगों को अपने बीमार पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल पशु एंबुलेंस की सेवा मिल रही है. इसको लेकर लोगों में खुशी से उत्साहित चेहरे दिखाई दे रहे हैं. स्थानीय किसान ने कहा कि पशुपालन विभाग में टोल फ्री एंबुलेंस सेवा बिहार सरकार के पशु व मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गयी है. इसके लिए विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1962 जारी की गयी है. उक्त टोल फ्री नंबर पर कोई भी पशुपालक अपने पालतू पशुओं का इलाज कराने के लिए कॉल कर सकते हैं. उक्त टोल फ्री नंबर पर संपर्क करने के बाद जिस तरह से किसी भी तरह की गंभीर परिस्थिति से निपटने के लिए बिहार पुलिस की 112 नंबर डायल फ्री नंबर सेवा तथा मानव स्वास्थ्य से संबंधित आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किये गये हेल्पलाइन नंबर 102 पर संपर्क साधने के बाद उपलब्ध होती है, ठीक उसी के तर्ज पर अब भारत सरकार की इस योजना के अंतर्गत बिहार सरकार के पशु व मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा 1962 हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक की गयी है. इस पर फोन करके संबंधित पशुपालक खुद के दरवाजे पर एमवीयू (मोबाइल वेटरनरी यूनिट) यानी की मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई को घर बैठे आमंत्रित कर अपने बीमार पड़े पालतू पशुओं का इलाज करा सकते हैं. सरकार के इस बेहद ही महत्वाकांक्षी योजना का लाभ पशुपालकों मिल रहा है. पशु एंबुलेंस पर पदस्थापित चिकित्सक डॉ अखिलेश कुमार ने बताया कि प्रत्येक दिन दो गांवों में कैंप कर किसानों को एंबुलेंस के प्रति जागरुक करते हैं. जागरूकता के दौरान पशुपालकों को अब अपने बीमार बड़े एवं छोटे पशुओं को इलाज के लिए पशु चिकित्सालय नहीं लाना होगा. त्वरित गति से पशुपालक के घर पर ही बीमार पशु का इलाज संभव है. पशु एंबुलेंस में पदस्थापित डॉ अखिलेश कुमार, पारा वेट गौरव कुमार, ड्राइवर शिवम कुमार तैनात रहते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Rajeev Murarai Sinha Sinha
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