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जिले के एक लाख 93 हजार बच्चों को दिया जायेगा ओआरएस व जिंक का टेबलेट

Updated at : 15 Jul 2025 6:40 PM (IST)
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जिले के एक लाख 93 हजार बच्चों को दिया जायेगा ओआरएस व जिंक का टेबलेट

जिले में सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया. जो 15 जुलाई से 14 सितंबर तक चलेगा

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सीएस ने जिले में सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा का किया उद्घाटन

सभी प्रखंडों के लिए जन-जागरूकता के लिए हुआ रथ रवाना

लखीसराय.

जिले में सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया. जो 15 जुलाई से 14 सितंबर तक चलेगा. जिसका उद्घाटन सीएस डॉ बीपी सिन्हा ने दीप जलाकर किया. साथ ही समुदाय को जागरूक करने के लिए झंडी दिखाकर ई-रिक्शा रथ को भी रवाना किया. मौके पर सीएस डॉ सिन्हा ने बताया कि सघन दस्त नियंत्रण पखवारा का उद्देश्य दस्त के कारण होने वाली शिशु-मृत्यु को कम करने के साथ-साथ निर्जलीकरण के मामलों में प्रबंधन के लिए सुविधा स्तर को सुदृढ़ बनाना व जागरूकता रथ के माध्यम से दस्त की रोकथाम और नियंत्रण कर समुदाय में जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है. सीएस डॉ सिन्हा ने बताया कि पखवाड़ा में आशा गृह-भ्रमण कर उपलब्ध फॉर्मेट के अनुसार सर्वक्षण कर ओआरएस के साथ जिंक के टेबलेट पांच साल के सभी बच्चों को मुहैया करायेगी. जिसमें बच्चों के माता-पिता को ओआरएस के घोल बनाने की विधि के साथ साफ-सफाई पर ध्यान देना व बच्चों के हाथ की सफाई पर ध्यान देने के लिए भी जागरूक करना है. जिले में कुल एक लाख 93 हजार 705 बच्चों को ओआरएस एवं जिंक के टेबलेट देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया की अगर किसी बच्चे को दस्त हो जाता है तो उसके उम्र के अनुसार ही किया जाना है. दो माह तक बच्चों को जिंक का टेबलेट नहीं देना है. दो माह से छह माह तक के बच्चों को आधी टेबलेट (10 एमजी) देना है एवं सात माह से पांच वर्ष तक बच्चों को एक टेबलेट (20 एमजी) देना है. ध्यान रखने योग्य ये बात है की ये खुराक कुल 14 दिनों तक दिया जाना है. उन्होंने बताया कि जिंक का उपयोग करने से दस्त की तीव्रता में कमी तो आती ही है. साथ ही निमोनिया होने की संभावना भी अगले दो महीने कम हो जाती है. डीसीएम आशुतोष कुमार ने बताया की जिले में कुल एक लाख 93 हजार 705 बच्चों को ओआरएस एवं जिंक के टेबलेट देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. उन्होंने बताया कि डायरिया के प्रभाव को कम करने के लिए बच्चों के उम्र के अनुसार पोषण पर ध्यान देने की जरूरत है एवं खुले में शौच नहीं करवाना चाहिये. मौके पर सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार, डीपीसी सुनील कुमार, सदर अस्पताल प्रबंधक के यूनिसेफ के प्रतिनिधि शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Rajeev Murarai Sinha Sinha

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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