दो महीने से विद्यालय में बंद है मध्याह्न भोजन, अधिकारी अनजान

Updated at : 21 Aug 2024 7:02 PM (IST)
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दो महीने से विद्यालय में बंद है मध्याह्न भोजन, अधिकारी अनजान

चौरा राजपुर पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय घोघी कोड़ासी संथाली टोला में लगभग दो महीनों से विद्यालय में मध्याह्न भोजन पूर्ण रूप से बंद है.

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पीरीबाजार. थाना क्षेत्र अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्र चौरा राजपुर पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय घोघी कोड़ासी संथाली टोला में लगभग दो महीनों से विद्यालय में मध्याह्न भोजन पूर्ण रूप से बंद है. जिसका असर विद्यालय में देखने को मिल रहा है. मध्यान भोजन बंद होने के कारण बच्चे घर जाकर भोजन करने को विवस हैं. बता दें कि विद्यालय को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने योजना एवं विकास विभाग, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के द्वारा स्थल पर लगे सूचना पट पर अंकित योजना का नाम- केंद्रीय विशेष सहायता योजना के उत्क्रमित मध्य विद्यालय घोघी कोड़ासी संथाली टोला में बाउंड्री वॉल, चापाकल, किचन शेड एवं शौचालय का निर्माण प्राक्कलित राशि 34 लाख 49 हजार 420 रुपये अंकित है. वहीं कार्य प्रारंभ की तिथि 21 नवंबर 2023 कार्य पूर्ण की तिथि 20 मई 2024 अंकित है, लेकिन कार्य पूर्ण होने के बाद भी शौचालय को अबतक विद्यालय प्रबंधन को सुपूर्द नहीं किया गया है. जिससे विद्यालय में पठन-पाठन करने वाले छात्र-छात्राओं एवं महिला शिक्षिकाओं को शौच के लिए खुले में जाना पड़ता है. इस संबंध में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से बताया कि शौचालय का निर्माण तो करवा दिया गया, लेकिन शौचालय सिर्फ शोभा की वस्तु बनी हुई है. शौचालय में ताला बंद है. शौचालय बंद होने के कारण महिला शिक्षिका एवं छात्र-छात्राओं को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. एक ओर जहां सरकार शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना कर विद्यालय में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की गयी है, जिसके कारण छात्र-छात्राओं को घर ना जाकर विद्यालय में ही रहकर पढ़ाई करनी है. परंतु कुछ लापरवाही के कारण दो महीने से मध्याह्न भोजन पूर्ण रूप से बंद है. बता दें कि मध्याह्न भोजन बच्चों के लिए ””पूरक पोषण”” के स्रोत और उनके स्वस्थ विकास के रूप में भी कार्य कर सकता है. यह बालिकाओं को स्कूल जाने से रोकने वाले अवरोधों को समाप्त करने में भी सहायता करता है. मध्याह्न भोजन स्कीम छात्रों के ज्ञानात्मक, भावात्मक और सामाजिक विकास में मदद करती है. सुनियोजित मध्याह्न भोजन को बच्चों में विभिन्न अच्छी आदतें डालने के अवसर के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है.

बोलीं विद्यालय प्रधान

विद्यालय प्रभारी प्रधानाध्यापिका कविता कुमारी ने शौचालय ने ताला बंद को लेकर बताया कि संवेदक के द्वारा शौचालय की चाबी नहीं दी गयी है. जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है. वहीं मध्याह्न भोजन को लेकर बताया कि वेंडर के द्वारा मध्याह्न भोजन की खाद्यान्न आपूर्ति बंद कर दी गयी है. जिसके कारण मध्याह्न भोजन दो महीने से पूर्ण रूप से बंद है. छात्र-छात्राओं को घर जाकर भोजन करना पड़ता है.

बोले अधिकारी

मामले को लेकर डीपीओ एमडीएम नीलम राज को अवगत करवाने पर बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था. बीआरपी को भेज कर जांच कर जल्द एमडीएम चालू कराया जायेगा. वहीं उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय महेशपुर में चावल में कीड़ा निकलने की बात पर कहा कि बीआरपी को जांच करने के लिए भेजा गया है. जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जायेगी.

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