नोमा का वैष्णवी दुर्गा मंदिर बना आस्था का केंद्र, 100 फीट ऊंची भव्यता खींच रही श्रद्धालुओं का ध्यान

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नोमा का वैष्णवी दुर्गा मंदिर बना आस्था का केंद्र, 100 फीट ऊंची भव्यता खींच रही श्रद्धालुओं का ध्यान

Lakhisarai News : हलसी प्रखंड के नोमा गांव स्थित वैष्णवी दुर्गा मंदिर 2005 में एक छोटे संकल्प से शुरू होकर आज 100 फीट ऊंचे भव्य धार्मिक स्थल के रूप में उभर चुका है. प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.

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हलसी (लखीसराय) से केशव कुमार की रिपोर्ट

Lakhisarai News : लखीसराय जिले के हलसी प्रखंड स्थित नोमा गांव का वैष्णवी दुर्गा मंदिर आज धार्मिक आस्था, भव्य वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र बन गया है. वर्ष 2005 में शुरू हुआ यह मंदिर अब लगभग 100 फीट ऊंचे विशाल स्वरूप में क्षेत्र की नई पहचान बन चुका है. प्रतिदिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, जबकि चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर जाता है.

हर दिन उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

नोमा गांव के अलावा कनौसी, कुसुमतार, लहुआरा, सिरखिंडी, कुमैठा सहित आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालु मां वैष्णवी दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. नवरात्र के अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना, संध्या आरती और धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होते हैं. शंख, घंटा और झांझ-मंजीरों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठता है.

पांच डिसमिल जमीन के दान से शुरू हुआ मंदिर निर्माण

मंदिर निर्माण की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी. उस समय गांव के धर्मपरायण हरिहर प्रसाद ने मंदिर निर्माण के लिए पांच डिसमिल भूमि दान में दी. इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग और जनभागीदारी से मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, जो आज भव्य स्वरूप में स्थापित है.

मुख्य पुजारी कराते हैं नियमित पूजा-अर्चना

मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना एवं संध्या आरती का आयोजन होता है. मुख्य पुजारी श्रीकांत त्रिपाठी नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन करते हैं.

जीवंत प्रतिमाएं और अनूठी वास्तुकला बनी पहचान

मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का निर्माण लखीसराय के प्रसिद्ध मूर्तिकार भरत पंडित ने किया है. प्रतिमाओं की कलात्मक बनावट और भाव-भंगिमा श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करती है. लगभग 100 फीट ऊंचे गुंबद पर विभिन्न देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी गई हैं. परिसर में पश्चिम दिशा में भगवान शिव का दरबार और पूर्व दिशा में राम दरबार स्थापित है, जहां भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी विराजमान हैं.

मन्नत पूरी होने की है मान्यता

स्थानीय श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां वैष्णवी दुर्गा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है. यही कारण है कि वर्ष दर वर्ष यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. मंदिर का शांत वातावरण ध्यान और साधना के लिए भी उपयुक्त माना जाता है.

श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने की तैयारी

Lakhisarai News : मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए परिसर में सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा. आज नोमा का वैष्णवी दुर्गा मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि लखीसराय की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख प्रतीक बन चुका है.

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